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आजादी के 72 साल बाद भी दो ग्राम पंचायतों को पुल बनने का इंतजार

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संजय प्रधान - फोटो : SAHARANPUR
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आजादी के 72 साल बाद भी दो ग्राम पंचायतों को पुल बनने का इंतजार
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चिलकाना (सहारनपुर)। जनपद के विकासखंड सरसावा की दो ग्राम पंचायतें आजादी के 72 साल बाद भी सरकारी योजनाओं का मुंह ताक रही हैं। यहां के बाशिंदे उत्तर प्रदेश में होते हुए भी स्वयं को हरियाणा के नजदीक पाते हैं।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर यमुना नदी के पार बसे गांव सोंधेबांस व गाजदीनपुर जाने के लिए यमुना नदी को पार करना पड़ता है। यमुना नदी पर पुल न होने के कारण नाव से जान जोखिम में डालकर जाने की मजबूरी है। बरसात के दिनों में नदी में बाढ़ का पानी आ जाता है। गांव तक पहुंचने के लिए लोगों ने अपने स्तर से सीमेंट के पाइप डालकर अस्थायी पुल बनाया हुआ है, जो हथिनीकुंड से पानी छोड़े जाने के बाद बह जाता है। वर्तमान में ग्रामीणों ने नदी में पानी के बहाव के स्थान पर ट्राली तथा रेहड़े खड़े करके उसके ऊपर से आवागमन शुरू कर रखा है। इन दोनों गांवों के लोगों के लिए यमुना नदी के कारण उत्तर प्रदेश दूर है, जबकि हरियाणा नजदीक पड़ता है। अधिकांश लोग अपनी जरूरतों के लिए हरियाणा जाना सुगम समझते हैं। पढ़ाई के लिए लोग अपने बच्चों को हरियाणा के स्कूलों में भेजते हैं। बीमार हो जाने पर भी उत्तर प्रदेश के किसी स्थान पर पहुंचने से ज्यादा हरियाणा जाना आसान है। गांव के लोगों ने यमुना नदी पर पुल बनवाने और गांवों में मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए अनेक बार जिला स्तरीय अधिकारियों तथा नेताओं को बताया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि जब यमुना नदी में बाढ़ आती है तो उसके कुछ दिन बाद नेता तथा अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर अथवा हरियाणा के रास्ते गांव में पहुंचते हैं और सहायता का आश्वासन देकर गायब हो जाते हैं।
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पुल न होने से लोग अपनी बेटियों की शादी इन गांवों में करना पसंद नहीं करते हैं। बरसात के समय में यमुना में खड़े बिजली के खंभे बाढ़ में बह जाते हैं और गांवों की बिजली गुल हो जाती है। गांव के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह, अनिल कुमार, सुशील सैनी, विजेंद्र सैनी, अनूप कुमार, जसविंदर, महिपाल जियालाल, रमेश उपाध्याय, राजकुमार, गोपाल कश्यप, नानू प्रजापति, रामकिशन, यशपाल कश्यप, अशोक कुमार आदि ने यमुना नदी पर पुल बनवाने की मांग की है।
हमने यहां की समस्याओं से विधायक और सांसद को अवगत कराया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। पुल बनवाने के लिए पिछले कई वर्षों से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद हर दल का नेता अपने वादे भूल जाता है।
- चौधरी सुभाष, गांव सोंधेबांस के प्रधान
यमुना नदी का पुल सबसे बड़ी समस्या है। पुल के बनने से उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के लोगों को बहुत लाभ होगा। इतना ही नहीं यहां के लोगों को हरियाणा की तरफ अपना रुख नहीं करना पड़ेगा। नेता तथा अधिकारी आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दे पाए हैं।
संजय नंबरदार, गांव गाजदीनपुर के प्रधान
यमुना नदी के पुल का एस्टीमेट बन चुका है। सेतु निगम ने सर्वे भी कर लिया है। कोरोना के चलते सभी निर्माण कार्य रुके पड़े हैं। एस्टीमेट को लेकर शीघ्र ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर पुल निर्माण पर बात की जाएगी। उम्मीद है कि पुल का निर्माण शीघ्र शुरू होगा।
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डॉ. धर्म सिंह सैनी, नकुड़ विधायक एवं राज्यमंत्री

सुभाष चौधरी- फोटो : SAHARANPUR

डा धर्म सिंह सैनी- फोटो : SAHARANPUR

चिलकाना में जान जोखिम में डाल कर यमुना दी पार करते ग्रामीण- फोटो : SAHARANPUR

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