सहारनपुर । शहर के अति व्यस्त घंटाघर चौक के कायाकल्प करने की तैयारी है। इसके लिए घंटाघर चौक पर कई बदलाव किए जाएंगे। चौक के कायाकल्प के दो मकसद हैं। पहला चौक की कमियों को दूर करना तथा दूसरा यहां से होकर गुजरने वाले कई राज्यों के लोगों को शहर के सुंदर होने का संदेश देना।
घंटाघर ऐसा चौक है, जिससे हैवी ट्रैफिक गुजरता है। अंबाला रोड से होकर गुजरने वाले हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर समेत तमाम राज्यों के लोग घंटाघर चौक से होकर गुजरते हैं। इनके अलावा दिल्ली और उत्तराखंड से आने वाला ट्रैफिक भी घंटाघर से होकर गुजरता है। नगर निगम सूत्रों ने बताया कि घंटाघर चौराहे पर अक्सर जाम रहता है। नगर निगम का मानना है कि इससे बाहर से आने वाले लोगों में गलत मैसेज जाता है। ऐसे में नगर निगम ने घंटाघर चौक पर भारी बदलाव करने का निर्णय लिया है। एक ओर जहां घंटाघर पर हुए स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटाया जाएगा, वहीं इसको सुंदर भी बनाया जाएगा। खास बात यह है कि घंटाघर के बीचोंबीच लगी शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा के चबूतरे में भी बदलाव किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि मानकों के अनुसार चौक पर बने चबूतरे की ऊंचाई दो फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिससे एक साइड से दूसरी साइड के ट्रैफिक पर नजर रखी जा सके। घंटाघर पर बना चबूतरा छह से सात फुट ऊंचा है। इसकी वजह से यातायात संचालित करने में भी परेशानी आ रही है। इसके अलावा देहरादून रोड से अंबाला रोड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए घंटाघर पर सीधी सड़क नहीं है, बल्कि चबूतरे की वजह से वाहनों को घूमना पड़ता है। ऐसे में इस सड़क को भी सीधा किया जाएगा, जिससे यातायात प्रभावित न हो। शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर रंगीन लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे प्रतिमा सुंदर नजर आए।
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यह होगा बदलाव
-स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाना।
-चबूतरे को नीचा और छोटा करना।
-चबूतरे का सुंदरीकरण करना।
-चबूतरे पर रंगीन लाइटें लगवाना।
-देहरादून और अंबाला हाईवे के रोड को सीधा करना।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत घंटाघर चौक ही नहीं, बल्कि शहर के अनेक चौराहों और तिराहों को सुंदर बनाया जाएगा। चूंकि घंटाघर चौक शहर का सबसे बड़ा और व्यस्त चौक है और यहां से कई राज्यों का ट्रैफिक गुजरता है। ऐसे में इसको लेकर विशेष प्लानिंग है, जिसके बाद घंटाघर चौक और बेहतर नजर आएगा।
संजीव वालिया, महापौर।