देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल एवं पूर्व विधायक माविया अली के मध्य चल रहा विवाद हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है?। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि हवाला कारोबार से जुड़ी खबरें उड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को आवाज का नमूना लेने के लिए नोटिस जारी किया है। माविया अली ने नोटिस जारी होने की पुष्टि भी की है।
देवबंद में स्थित नौ बीघा जमीन को लेकर सांसद बदरुद्दीन अजमल और माविया अली के बीच विवाद खड़ा हुआ था। विवाद का खड़ा होना इसलिए जरूरी था क्योंकि जिस जमीन पर रार है उसकी कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। माविया अली का कहना है कि वह जमीन की 90 प्रतिशत रकम दे चुके हैं, जबकि मौलाना बदरुद्दीन अजमल इससे इंकार कर रहे हैं। इसी को लेकर पूर्व में बदरुद्दीन ने माविया अली पर ब्लैकमेलिंग कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार करा दिया था, लेकिन पुख्ता सबूत पेश न करने की वजह से माविया को उसी दिन जमानत दे दी गई थी। उसके बाद बदरुद्दीन अजमल ने फिर से एक तहरीर लखनऊ भेजी। जिसमें माविया अली पर जमीन पर कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। जिसकी जांच सीओ देवबंद द्वारा की जा रही है। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब दोनों के बीच हवाला के जरिए पैसे के लेनदेन की बात सामने आई और दावा किया गया कि हवाला कारोबार से जुड़ी ऑडियो और वीडियो भी मौजूद हैं। इसको लेकर भाजपा समेत हिंदू संगठनों ने दोनों नेताओं का पुतला फूंकते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। इतना ही नहीं गन्ना मंत्री सुरेश राणा के जरिये भाजपाइयों ने सीएम को ज्ञापन भेजकर अपनी मांग को दोहराया हुआ है। मंगलवार को जानकारी मिली है कि हवाला से जुड़ी खबरों के बाद यह मामला जांच के दायरे में आ गया है और दिल्ली पुलिस ने बदरुद्दीन व माविया अली को नोटिस जारी कर पेश होने का कहा है। जहां उनकी आवाज के नमूने लिए जाएंगे। इस संबंध में माविया अली ने नोटिस आने की पुष्टि तो की, लेकिन इस पर अधिक कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। वहीं, मौलाना बदरुद्दीन अजमल से संपर्क नहीं हो सका। बहरहाल हवाला कारोबार की खबरों में कितना दम है और दोनों में कौन सच और झूठ बोल रहा है यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन इतना साफ है कि प्रकरण को लेकर भाजपा इस पर अपनी राजनीतिक रोटियां जरुर सेंक रही है।