सहारनपुर। शहर के स्मार्ट सिटी योजना में चयनित होने के करीब चार माह बाद भी नगर निगम कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं कर सका है। नतीजा यह है कि नगर निगम कचरे को शहर से उठाकर बाहरी क्षेत्रों में डाल रहा है, जिसकी वजह से लोगों को असुविधा हो रही है। साथ ही खुले में बिखरा कचरा लोगों को बीमारियां भी बांट रहा है।
शहर से प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ टन कचरा निकलता है। कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगम की स्थापना के नौ वर्ष बाद भी कोई कचरा निस्ताण के लिए व्यवस्था नहीं है। पहले नगर निगम चिलकाना रोड पर गांव बालपुर के पास कचरा डाल रहा था। उसके बाद पुराना कलसिया रोड पर म्यूनिसिपल कॉलोनी के पास एक बड़े गड्ढे को भरने के लिए महीनों तक कचरा डाला गया। इन दिनों नगर निगम ने कचरा डालने के लिए नए ठिकाने बनाए हुए हैं। इनमें से एक बेहट रोड स्थित देहात कोतवाली की जमीन पर बने तालाब को पाटा जा रहा है। शासन के आदेश पर करीब एक साल से प्रशासन कचरा प्रबंधन के लिए जमीन की तलाश कर रहा है। पहले गागलहेड़ी मार्ग और बेहट रोड पर जमीनें देखी गई थीं। बेहट रोड पर माटकी के पास जमीन लगभग फाइनल भी कर ली गई थी, मगर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रशासन को वहां से कदम पीछे हटा लेने पड़े। अब चयन समिति ने देहरादून रोड पर गांव बट्टनवाला के पास जमीन चिह्नित की है, जिसे फाइनल करने में आनाकानी की जा रही है।
कचरा प्रबंधन के लिए समिति ने देहरादून रोड पर गांव बट्टनवाला के पास करीब चार एकड़ जमीन चिह्नित की है। जिसकी फाइल कमिश्नर के पास गई हुई है। कमिश्नर से हरी झंडी मिलने के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।