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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पाने के लिए तरस रहे किसान

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सहारनपुर। प्रदेश सरकार समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रही है। जिले की छह शुगर मिल किसानों के करीब 365 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। जल्द ही बकाया भुगतान नहीं कराया गया तो शासन प्रशासन को किसानों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पडे़।
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शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के बाद 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर 14 प्रतिशत की दर से बकाया पर ब्याज देने और किसानों को वाह्य क्रय केंद्रों से किराया कटौती नहीं करने का नियम गन्ना खरीद अधिनियम में हैं। लेकिन शुगर मिलें ना तो समय से गन्ना मूल्य का भुगतान कर रहीं हैं और बकाया पर ब्याज देने में भी कोताही बरत रही हैं। साथ ही बकाया भुगतान नहीं करने के बावजूद भी वाह्य क्रय केंद्रों से किराया कटौती भी जारी है। इसके चलते किसानों में भारी रोष व्याप्त है। भाकियू के महानगर अध्यक्ष मुकेश तोमर का कहना है कि समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उत्तर प्रदेश गन्ना संघ के पूर्व चेयरमैन चौधरी राजपाल सिंह ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने समय से गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर काफी हंगामा किया था। अब उनकी सरकार होने के बाद भी वे बकाया भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि बकाया भुगतान कराने के लिए मिलों को कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। जो मिलें बकाया भुगतान में कोताही बरतेंगी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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