देवबंद (सहारनपुर)। तीन तलाक और हलाला प्रथा पर आधारित सीरियल इश्क सुभान अल्लाह को लेकर बुधवार को जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की दर्जनों महिलाओं ने पीएम मोदी व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को ज्ञापन भेजकर तत्काल प्रभाव से धारावाहिक पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
बुधवार को जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून के नेतृत्व में दर्जनों बुर्कानशीं महिलाएं सहारनपुर मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचीं और जीटीवी पर प्रसारित होने वाले सीरियल इश्क सुभान अल्लाह पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के नाम ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मुल्क का मुसलमान शरीयत पर आस्था रखता है और उसी के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारता है। तीन तलाक या हलाला जैसे मुद्दे मुसलमानों के धार्मिक मामले हैं। हिंदुस्तान के संविधान ने मुसलमानों को यह आजादी दी हुई है कि वो अपनी जिंदगी धार्मिक उसूलों पर गुजारें। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से तीन तलाक और हलाला को लेकर देश में अनावश्यक रुप से इन मुद्दों को उठाया जा रहा है। न्यूज चैनलों पर साजिश के तहत मुसलमानों को बदनाम करने के लिए उन लोगों को बहस में बिठाया जा रहा है जिन्हें इस्लाम और शरीयत के बारे में जरा भी जानकारी नहीं है। पूर्व में जी नेटवर्क के एक चैनल पर फतेह का फतवा नाम से कार्यक्रम शुरु किया गया था। जिसमें पाकिस्तान से निकाले गए तारिक फतेह को शामिल किया गया। तारिक फतेह ने कार्यक्रम में न सिर्फ मुसलमानों को भला बुरा कहा, बल्कि इस्लाम की तालीम को भी गलत तरीके से पेश किया था। खुर्शीदा खातून ने कहा कि अब फिर से जीटीवी पर इश्क सुभान अल्लाह नाम से धारावाहिक की शुरुआत की गई है। जिसमें शरीयती मामलों को तोड मरोड़कर पेश किया जा रहा है। जिससे मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। मुल्क में अशांति न फैले इसलिए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। ज्ञापन देने वालों में जैनब अरशी, सबा, फरहा, फहमीदा, शमशीदा, शबनूर, शाजिया, नईमा, शाहजहां, साजिदा आदि शामिल रहीं।