सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर अंबाला डिवीजन की विजिलेंस टीम ने रात में अचानक छापामार कार्रवाई कर दी। इससे रेलवे स्टेशन पर खलबली मच गई। ट्रेनों में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेच रहे वेंडरों में भगदड़ मच गई। टीम ने 10 वेंडरों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे वेंडर भड़क उठे और रेलवे स्टेशन हड़ताल कर दी। वेंडरों ने स्टॉल बंद कर दिए और आरपीएफ कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार की रात हुई ट्रेनों में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेच रहे वेंडरों में भगदड़ मच गई। ट्रेनों से कूद कर वेंडर भागने लगे। इस दौरान टीम ने ट्रेनों में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेच रहे वेंडरों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। वेंडरों पर कार्रवाई होते ही रेलवे स्टेशन पर स्टॉल लगाने वाले दुकानदार भड़क उठे और हड़ताल कर दी। वेंडरों ने खाद्य पदार्थों के स्टॉल बंद कर दिए और इकट्ठा होकर आरपीएफ कार्यालय पहुंचे। वेंडरों ने कार्रवाई के विरोध में आरपीएफ कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। वेंडरों ने आरोप लगाया कि मुरादाबाद से लुधियाना तक अवैध वेंडर कई ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि उनके वैध वेंडर ट्रेन में खाद्य सामग्री बेचते हैं तो उनको पकड़कर चालान कर दिया जाता है। अवैध वेंडरों की शिकायत करने पर उन्हें दबाव में लेने के लिए ही उन पर कार्रवाई की गई है। जिनका चालान किया गया है वे अधिकृत वेंडर हैं। उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। वेंडरों ने कार्रवाई के विरोध में रेलवे स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में लक्ष्मी नारायण, सतीश त्यागी, गजाला अंजुम, ब्रजेश, प्रशांत कुमार, मनीष शामिल रहे।
चालान कर कोर्ट में पेश कर दिया
रेलवे पुलिस बल अधीक्षक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि विजिलेंस की टीम ने 10 वेंडरों को गिरफ्तार कर उनका चालान किया था। ये सभी वेंडर अवैध रूप से ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेच रहे थे। सभी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। कोर्ट ने सभी पर जुर्माना लगा दिया है।
अवैध वेंडरों को रोकने के प्रयास कराए जा रहे
रेलवे स्टेशन अधीक्षक एसपी सिंह का कहना है कि रेलवे स्टेशन के वेंडरों ने उन्हें ट्रेनों में चलने वाले अवैध वेंडरों को रुकवाए जाने की मांग की है। वह आरपीएफ के सहयोग से अवैध वेंडरों को रुकवाए जाने का प्रयास करेंगे।