देवबंद (सहारनपुर)।
पंजाबी समाज के लोगों ने मंगलवार को शहीद उधम सिंह की जयंती मनाई। इस मौके पर उन्हें याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई।
युवा पंजाबी क्लब कार्यालय पर कार्यक्रम में संरक्षक सेठ कुलदीप कुमार ने कहा कि अमर शहीद उधम सिंह का जन्म पंजाब के संगरूर में हुआ था। उन्होंने जलियावालां बाग में निहत्थे लोगों पर गोली चलवाकर हजारों भारतीयों को शहीद कराने वाले जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा और निर्दोष भारतीयों के कत्ल का बदला लिया। उनकी कुर्बानी के लिए देश उनका हमेशा ऋणी रहेगा। अध्यक्ष गुरजोत सिंह सेठी ने कहा कि जनरल डायर को मारने के बाद उधम सिंह को जब अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया तो जज द्वारा नाम पूछने पर उधम सिंह ने अपना नाम राम मोहम्मद सिंह आजाद बताया। यह नाम उस समय आजादी की तमन्ना रखने वाले सभी धर्मों के भारतीयों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छोटी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाई जा रही किताबों में उधम सिंह जैसे अमर शहीदों का अध्याय जोड़ने की मांग की। इस मौके पर हरीश गिरधर, सभासद प्रतिनिधि बालेंद्र सिंह, विजय गिरधर, राजन छाबड़ा, महामंत्री गगन गिरधर, अमित भारती, अमन भसीन, विकास अरोड़ा, जसमीत सिंह, चंद्रदीप सिंह, राजपाल नारंग, टिंकू चड्ढा, सन्नी सेठी, सिमरनजीत सिंह आदि रहे।
गुरुद्वारा में आज दिखाई जाएगी फिल्म चार साहिबजादे
देवबंद। दशम पातशाह साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों के शहीदी पर्व पर 27 दिसंबर को गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक फिल्म चार साहिबजादे-2 दिखाई जाएगी। गुरुद्वारा कमेटी के प्रेस सचिव इंद्रपाल सिंह सेठी ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह को मात्र 9 व 7 वर्ष की आयु में नवाब वजीर खां ने इस्लाम कबूल न करने पर जिंदा दीवारों में चिनवा दिया था।