फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीसीटीवी कैमरा होने की अनिवार्यता के आदेश बेमानी

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से लैस कॉलेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाने के आदेश बेमानी साबित हुए हैं। आलम यह है कि सहायता प्राप्त तो दूर की बात ज्यादातर राजकीय इंटर कॉलेजों में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं। ऐसे में केंद्र निर्धारण में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की अनिवार्यता को दरकिनार कर केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षाओं में माध्यमिक शिक्षा परिषद नई चीजें अपना रही है। एक ओर जहां परीक्षा केंद्र बनाने के लिए पहली बार कॉलेजों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए, वहीं दूसरी ओर परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने की अनिवार्यता की। मगर हैरत की बात यह है कि जिन 90 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उनमें बड़ी संख्या में ऐसे कॉलेज शामिल हैं, जिनपर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इतना ही नहीं सरकार के अपने कॉलेजों यानी राजकीय इंटर कॉलेजों में भी बड़ी संख्या ऐसे कॉलेजों की है, जिनमें अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं। जबकि डीआईओएस ने परिषद से आदेश मिलते ही तमाम कॉलेजों को सर्कुलर जारी कर दिया था। सीसीटीवी कैमरे लगे होने की अनिवार्यता का मकसद परीक्षा को नकल विहीन कराना था। मगर ऐसा नहीं हो सका है। उधर, डीआईओएस आरके तिवारी ने बताया कि परीक्षा केंद्र के लिए कॉलेजों का चयन करते समय तमाम चीजों का ध्यान रखा गया है। केवल सीसीटीवी कैमरे होने के आधार पर किसी कॉलेज को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए कॉलेजों की अच्छी छवि और अन्य सुविधाएं भी देखी गई हैं। बताया कि उन्होंने कई महीने पहले सीसीटीवी की अनिवार्यता के लिए आदेश जारी किए थे। मगर अनेक राजकीय कॉलेजों तक ने अभी तक कैमरे नहीं लगवाए हैं। मगर हम परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें