सहारनपुर। बेटियां कमजोर नहीं हैं। इन्हें कमजोर समझने की गलती न करें। अगर किसी ने गलत हरकत करने की कोशिश की, तो उसे सबक सिखा सकती हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन्स स्माइल के तहत बृहस्पतिवार को पाइनवुड स्कूल में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने आत्म रक्षा के गुर सीखे और बेहिचक सवाल भी पूछे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव जैन और केंद्रीय विद्यालय सरसावा के प्रधानाचार्य एमपी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने अपराजिता अभियान की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं को प्रोत्साहन मिलता है तथा साहस भी बढ़ता है। विद्यालय की प्रबंधक संतोष गुप्ता ने अपराजिता अभियान की सराहना की।
इसके बाद विंग चुंग कुंग फू ग्रैंड मास्टर राजेश आर्य, निशांत गुप्ता और भूमिका अरोरा ने विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं को बताया गया कि जब कोई पीछे से आकर उन पर हमला करता है, तो उसे किस तरह जवाब देना है। यदि कोई उनका पर्स छीनने की कोशिश करता है, तो किस तरह से संभलना है और फिर आरोपी को सबक सिखाना है। छात्रा कनिष्का ने पूछा कि यदि कोई एसिड अटैक करता है, तो उससे कैसे बचा जाए। सानवी ने पूछा कि यदि एक साथ चार लड़के घेर लेते हैं, तो कैसे लड़ा जाएगा। अनविक ने पूछा कि यदि कोई चाकू से हमला करे, तो कैसे बचें और जवाब दें। यदि स्कूटी से जाते समय कोई बाइक सवार पास आकर छेड़छाड़ करे, तो उससे कैसे निपटा जाए। इनके अलावा विद्यालय की अध्यापिकाओं ने भी अपनी जिज्ञासा व्यक्त कीं तथा पूछा कि पीछे से आए और पर्स छीनकर भागे, तो क्या किया जाए।
साहस के साथ करें मुकाबला, मिलेगी जीत
प्रशिक्षक राजेश आर्य ने छात्राओं के साथ ही अध्यापिकाओं को मंच पर बुलाकर आत्मरक्षा के संबंध में प्रैक्टिकल करके समझाया। छात्राओं को बताया कि ऐसी किसी घटना के दौरान घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि साहस से काम लेना चाहिए। यदि हिम्मत हार गए, तो आरोपी हावी हो जाएगा। खास बात यह है कि घटना के दौरान आरोपी को सबक सिखाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा, इसलिए आरोपी पर तत्काल ऐसा प्रहार करें कि उसके होश फाख्ता हो जाएं।
चेन स्नैचिंग है बड़ी समस्या
अध्यापिकाओं ने कहा कि बाजार में खरीदारी करने जाते समय सबसे ज्यादा खतरा चेन स्नैचिंग का रहता है। जब कोई बाइक सवार पीछे से आकर चेन स्नैचिंग करता है, तो महिला को इतना होश नहीं होता कि उसको पकड़ सके।
बालिकाएं बोलीं, बहुत अच्छी है मुहिम
- छात्रा सलमा ने कहा कि अपराजिता अभियान काफी अच्छा है। सेल्फ डिफेंस कैंप में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला, जिससे उनका साहस बढ़ेगा।
- छात्रा कनिष्का ने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। लड़कियां किसी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं, बस उचित जानकारी मिलने की जरूरत होती है।
- छात्रा मानिया बांगा ने कहा कि अपराजिता अभियान सराहनीय है। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
- छात्रा अंशिका ने कहा कि इस कार्यक्रम से अच्छी जानकारी मिली, जिससे मन का भय समाप्त होगा और हिम्मत बढ़ेगी। छात्रा तेगवीर ने कहा कि अपराजिता की मुहिम से नारी शक्ति को उचित मार्गदर्शन मिल रहा है।
- अध्यापिका शिल्पी बागला और सुप्रिया ने भी अपराजिता मुहिम की सराहना की और कहा कि इस आयोजन से बालिकाओं को बहुत कुछ सीखने को मिला।