सहारनपुर। अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को पुन: सहायक अध्यापक पद पर बहाल करने सहित अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने सांसद राघव लखनपाल शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों का स्थाई पद एवं वेतनमान देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए।
रविवार को सांसद को सौंपे ज्ञापन में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2000 से करीब 1,70000 शिक्षामित्र सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून आने के बाद प्रदेश में कार्यरत सभी शिक्षामित्रों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा निर्देशन में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण कराया गया। जिसके बाद करीब 137000 शिक्षामित्रों को दो चरणों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था। लेकिन बाद में न्यायालय ने शिक्षा मित्रों के समायोजन को निरस्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री से भी शिक्षा मित्रों ने मुलाकात की, जिस पर उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी गठित की गई थी। लेकिन इसका अभी तक निराकरण नहीं किया गया है। उन्होंने शिक्षामित्रों के साथ न्याय करने की मांग की। धर्मवीर सिंह, सलीम अहमद, अकबर अली, संजय सिंघल आदि रहे।