रईसों के स्लाटर हाउस बंद हो जाएं तो गोकशी नहीं होगी : उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। गोकशी को लेकर बुलंदशहर में बवाल हुआ। अन्य जनपदों में भी गोकशी को लेकर विवाद होते रहते हैं। इस मामले पर उलमा का स्पष्ट कहना है कि जब संविधान गोकशी की इजाजत नहीं देता, तो गोकशी नहीं होनी चाहिए। साथ ही उनका कहना कहना है कि रईसों के स्लाटर हाउस बंद होने चाहिए, जिससे गोकशी पर भी प्रभावी ढंग से रोक लग जाएगी।
दरअसल, पहले भी गोहत्या को लेकर राजनीतिक लोग मुखर होते रहे हैं। विवाद कई बार विकाल रूप लेते हैं। यही वजह है कि बुलंदशहर बवाल के बाद पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों को लेकर गंभीर हो गया है और प्रत्येक जिले में गोतस्करी और गोहत्या पर सख्ती से अंकुश लगाने को निर्देश दिया गया है। गोकशी को लेकर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि सभी लोगों को कानून का पालन करना चाहिए। जब संविधान में गोकशी की इजाजत नहीं है, तो गोकशी नहीं होनी चाहिए। यह भी जरूरी है कि देश के अरबपतियों के स्लाटर हाउस बंद कराए जाएं। यदि रईसों के स्लाटर हाउस बंद हो गए, तो गोकशी खुद ही बंद हो जाएगी। स्लाटर हाउस पर कार्रवाई होती नहीं, पुलिस प्रशासन छोटे लोगों को परेशान करती है, यह भी गलत है। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ का कहना है कि गोकशी नहीं होनी चाहिए, लेकिन गोकशी के नाम पर राजनीति कर इंसानी जान को खतरे में भी नहीं डालना चाहिए। कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सद्भावना का माहौल बनाने के लिए आपस में ऐसी बात करनी चाहिए जिससे प्यार मोहब्बत का पैगाम जाए।