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हर नारी को दें सम्मान, तभी बढ़ेगा देश का मान

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सहारनपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम अपराजिता के तहत शुक्रवार को शहर के नवीन नगर स्थित एसडी कन्या इंटर कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 11 और 12 की छात्राओं ने राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान विषय पर अपने विचार रखे, जिसमें छात्राओं ने संदेश दिया कि हर नारी को दें सम्मान, तभी बढ़ेगा देश का मान।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संकल्प संस्था की सचिव डॉक्टर रेखा कुमार रहीं, जबकि अध्यक्षता प्रधानाचार्या सरिता शर्मा ने की। पहला भाषण कक्षा 12 की अंजली तोमर का रहा। उन्होंने कहा कि देश में नारी को देवी बताकर उसको पूजा की वस्तु बना दिया गया। अबला जैसे संबोधन ने महिलाओं को और कमजोर किया, मगर ऐसी धारणाओं के बावजूद महिलाओं ने देश के विकास में जो योगदान दिया उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है। सरोजिनी नायडू, विजयलक्ष्मी, लक्ष्मी सहगल, बेगम हजरत महल आदि का उदाहरण दिया। 12वीं छात्रा इंदू शर्मा ने भाषण की शुरूआत नारी को ना समझो बेकार, नारी है जीवन का आधार कविता सुनाकर की। उन्होंने महिला को देश के विकास की गाड़ी का पहिया करार दिया। उन्होंने कहा कि 33 फीसदी आरक्षण पूरा नहीं मिलने के बाद भी महिलाओं ने देश के विकास के लिए जो किया है वह कम नहीं है। उन्होंने विभिन्न खेलों, कला क्षेत्र और सरकारी सेवा में काम कर रही महिलाओं का उदाहरण दिया।
11वीं की अंजली धीमान ने देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी पर दमदार तरीके से अपनी बात रखी। झांसी की रानी, इंदिरा गांधी और सरोजनी नायड् का उदाहरण रखा। 11वीं की ही बबीका ने कहा कि देश के विकास और निर्माण में महिलाओं ने जो किया है उसको झुठलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने अपना भाषण हर नारी को दें सम्मान, तभी बढ़ेगा देश का मान रचना सुनाकर खत्म किया। 11वीं कक्षा की छात्रा दीपाली ने कहा कि भारतीय संस्कृति पुरुष प्रधान रही है। तमाम रुकावटों और बंधनों के बावजूद महिलाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। आज देश जिस मुकाम पर खड़ा है उसमें महिलाएं बराबर की भागीदार रही है। 11वीं की छात्रा आकांक्षा ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान को गिनाते हुए कहा कि यदि महिलाओं को बराबर के अधिकार और मौके मिले तो वह देश को नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने कई महिलाओं के उदाहरण भी रखे। 11वीं की रचना ने कहा कि जितना योगदान एक परिवार को चलाने के लिए महिलाएं देती हैं देश के विकास में भी उनका उतना ही योगदान है। प्रतियोगिता का संचालन सुरैया शाहीन ने किया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मंजू, सपना, अनीता, चंद्रा सिंह, पूनम गौतम, मनीषा शर्मा, पिंकी राणा, ममता शर्मा और सीमा आदि का योगदान रहा।
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यह रहीं प्रतियोगिता की विजेता
प्रतियोगिता में 12वीं की अंजली तोमर ने प्रथम, 11वीं कक्षा की अंजली धीमान ने दूसरा और 11वीं कक्षा की रचना सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में अंजू गुप्ता और पुष्पा रानी रहीं। विजेताओं को मुख्य अतिथि और प्रधानाचार्य ने सम्मानित किया।
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हर सफल व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है। राष्ट्र के निर्माण में भी महिलाओं ने अहम भूमिका अदा की है। खेल, शिक्षा, साहित्य और राजनीतिक क्षेत्र में महिलाएं नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि खुद को मजबूत समझें, अपना लक्ष्य निर्धारित करें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि महज नौकरी करने से ही नहीं, बल्कि समाज हित के कार्य में भी हिस्सेदारी बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की मुहिम अपराजिता बेहद सराहनीय है। जिस तरह का आज माहौल है, उसमें बेटियों को जागरूक करने की सबसे अधिक जरूरत है। -- डॉक्टर रेखा कुमार, सचिव संकल्प संस्था।
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भाषण प्रतियोगिता अपने विचारों को व्यक्त करने का अच्छा माध्यम है। इससे बालिकाओं की हिचक दूर होती है। महिलाएं कमजोर नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता ने छात्राओं को वह मंच दिया है, जिससे जागरूकता बढ़ेगी और लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। अपराजिता मुहिम से जुड़कर एसडी कन्या इंटर कॉलेज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। -- सरिता शर्मा, प्रधानाचार्या, एसडी कन्या इंटर कॉलेज।
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