फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाहर से नहीं हमारे अंदर से ही जन्म लेते हैं दुर्गुण

विज्ञापन
विज्ञापन
बाहर से नहीं हमारे अंदर से ही जन्म लेते हैं दुर्गुण
विज्ञापन

रामपुर मनिहारान। सोहम मंडल वृंदावन के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि बालक का मन सर्वथा दोष रहित और निश्छल होता है और जैसे-जैसे वह बड़ा होता जाता है कुसंग के कारण उसका मन चंचल होने लगता है और उसमें दोष उत्पन होने लगते हैं।
विज्ञापन

प्राचीन सिद्धपीठ ठाकुर द्वारा मंदिर में आयोजित वार्षिक संत समागम के तहत अखिल भारतीय सोहम महामंडल की शाखा की ओर से सात दिवसीय संत समागम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रतिदिन सत्संग करने से मन का शुद्धिकरण होता है और हमारे दुर्गुण दूर होने लगते हैं। मन को स्वस्थ रखने और साधना करने से मन को शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा वर्ग पाश्चात्य संस्कृति के पीछे भाग रहा है और सत्संग से विमुख हो रहा है। ऐसे में उनके मन को शांति नहीं है। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि क्षण भर का कुसंग हमारे जीवन को बिगाड़ देता है। उन्होंने मंथरा, कैकई, जयंत आदि पर कई प्रकार के दृष्टांत देकर विस्तार से उनके चरित्र के बारे में श्रद्धालुओं को बताया। इसके अलावा स्वामी प्रीतम दास जी महाराज, स्वामी नारायणनंद जी महाराज, स्वामी गोपालानंद जी महाराज ने भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। इस मौके पर चौधरी धनेंद्र पंवार, संजय कुमार, कांशी राम, सुरेंद्र सिंह सोना अर्जुनपुर, डा. अनुज सैनी, पंडित सुरेंद्रानंद का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें