सहारनपुर। दुर्घटनाओं में लगातार हो रहीं मौतों का कारण यातायात पुलिस द्वारा यातायात के नियमों को सख्ती से लागू न कराया जाना है। यातायात पुलिस सिर्फ अभियान चलाकर कुछ लोगों का चालान काट कर खानापूर्ति कर रही है।
सहारनपुर में यातायात के नियमों को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया है। खासकर दुपहिया चालकों ने तो यातायात के नियमों का माखौल बना डाला है। यातायात पुलिस यातायात के नियमों का पालन कराने में कतई गंभीरता नहीं बरत रही है। यहां तक कि दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तक पर मजबूर नहीं किया जा सका है। जो दुर्घटनाओं में मौत का कारण बन रहा है। उसके अलावा एक बाइक पर तीन सवारियां और स्पीड भी दुर्घटनाओं में मौत का कारण बन रही है। मंगलवार की दोपहर को चिलकाना के रघुनाथपुर निवासी प्रदीप और उसकी पत्नी बबली की टपरी मार्ग पर हुई मौत में भी इसी प्रकार की लापरवाही सामने आई। एक बाइक पर तीन सवारी बैठी हुईं थीं और किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। एक माह पूर्व लिंक रोड पर हुई दो छात्रों की मौत में भी स्पीड और हेलमेट मौत का कारण बना। दोनों ही छात्र नाबालिग थे। जिसमें डायल-100 के सिपाहियों की भी लापरवाही सामने आई थी। उससे पूर्व दिल्ली रोड पर एक बाइक पर तीन छात्र एक ही बाइक पर जाते समय स्कूली बस से टकरा गए। जिसमें एक छात्र की मौत हो गई थी।
अंबाला रोड पर नुमाइश कैंप के ही दो युवकों की मौत हो गई थी उन्होंने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। तीन माह पूर्व अस्पताल पुल पर स्कूटी सवार एक व्यक्ति की ट्रक की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
यातायात पुलिस हर साल यातायात माह, यातायात सप्ताह, बुधवार को हेलमेट दिवस के रूप में अभियान तो चला रही है, लेकिन कार्रवाई में मात्र खानापूर्ति ही हो पा रही है। जिससे नियमों को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। पुलिस अधीक्षक यातायात विनीत भटनागर का कहना है कि लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। चालान भी काटे जा रहे हैं। यहां तक कि लोगों को हेलमेट खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। लेकिन लोग अपनी जान के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने काफी सख्ती कर रखी है।