सहारनपुर। बसंत पंचमी से पूर्व इस बार भी महानगर में चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। यह मांझा कई बार लोगों के जीवन के लिए घातक साबित हो चुका है। बावजूद इसके पुलिस-प्रशासन द्वारा चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
एक वर्ष पूर्व चाइनीज मांझे की चपेट में आकर जिला अस्पताल पुल पर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। इसी तरह शारदानगर निवासी एक युवक खलासी लाइन पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुका है। इनके अलावा पिछले तीन सालों में चाइनीज मांझे से दर्जनों लोग गंभीर घायल हो चुके हैं। आए दिन पक्षी भी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर मरते रहते हैं।
महानगगर में लक्खी गेट, शारदानगर, खलासी लाइन, नुमाइशकैंप, हकीकतनगर, हिम्मतनगर, रामपुर पठानपुरा, गोविंदनगर, पुरानी मंडी, बाजार लोहानी सराय, चौधरी विहार, धोबीघाट, देहरादून रोड, नवीनगर, पंतनगर, खानआलपुरा सहित शहर के कई इलाकों में पतंग की दुकानों पर चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। कई बार छापामारी भी की गई। लेकिन, पुलिस-प्रशासन पूरी चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक नहीं लगा सका। उधर, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
ज्याद मुनाफे के चक्कर में बेच रहे प्रतिबंधित मांझा
सहारनपुर। पतंग कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को खुलेआम बेच रहे हैं। क्योंकि, कारोबारियों को मांझा कम दामों में उपलब्ध हो जाता है और अधिक रुपये में बिकता है। इसी वजह से व्यापारी चाइनीज मांझे को बेचने के लिए ज्यादा सक्रिय रहतेे हैं।