सहारनपुर। लगातार हो रहे ट्रेन हादसों से रेल विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है। इसी लापरवाही के चलते खुराफातियों ने सहारनपुर में जनता एक्सप्रेस को पलटने साजिश रच दी। ड्राइवर को इमरजेंसी ब्रेक लगाने में जरा भी देरी हो जाती तो हजारों लोग मौत के मुंह में समा जाते।
खतौली में हुई दुर्घटना के बाद सहारनपुर में मिली धमकी और फिर दो बार घटी दुर्घटनाओं को रेल अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। सहारनपुर में ट्रेन हादसे की चेतावनी दी गई, पटरियों को काटकर और पेंड्रोल क्लिप निकालकर चेताया भी गया। वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक को खतौली जैसे हादसे को सहारनपुर में अंजाम दिए जाने धमकी पत्र लिखकर दी गई थी, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद सहारनपुर स्टेशन से कुछ ही आगे ढमोला पुल के निकट पटरी काट दी गई। फिर भी कोई गौर नहीं किया गया। तीन दिन पहले ही तल्हेड़ी स्टेशन के निकट 67 पेंड्रोल क्लिप निकाल दी गईं। इतनी खुली चेतावनी और दुर्घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास किया गया, फिर भी रेलवे बोर्ड ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। रेलवे ने न तो लाइनों पर गश्त ही बढ़ाई और न ही चेकिंग की कोई व्यवस्था की। जिसका परिणाम रामपुर मनिहारान में मनानी और टपरी के बीच रविवार की रात को सामने आ ही गया। जनता एक्सप्रेस एक बार तो पूरी तरह से लड़खड़ा गई, चीख पुकार भी मच गई। जनता एक्सप्रेस के आने के दौरान हुई घटना से रेलवे की बड़ी चूक मानी जा रही। रेलवे की इस चूक से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी।
सहारनपुर में सुरक्षित नहीं ट्रैक
सहारनपुर में रेलवे ट्रैक सुरक्षित नहीं रह गया है। बार-बार रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, लेकिन रेलवे अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। रेलवे अधिकारियों की इस प्रकार की लापरवाही से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
मामला दिल्ली मंडल का है: डीआरएम, अंबाला
रेलवे के अंबाला मंडल के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक दिनेश कुमार का कहना है कि अपने क्षेत्र में लगातार गश्त करा रहे हैं। यह मामला दिल्ली रेलवे मंडल परिक्षेत्र में आता है।