लिफ्ट दुर्घटना के मामले में नहीं हो सकी कार्रवाई
सहारनपुर। डाक्टर पीडी गर्ग के अस्पताल के बेसमेंट में लिफ्ट के चेंबर में काम करते समय लिफ्ट गिरने से नीचे दबकर हुई ग्राम सौराना के शमशाद की मौत के मामले में पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। एफआईआर लिखने के बाद पुलिस ने चुप्पी साध ली है।
दिल्ली रोड स्थित डाक्टर पीडी गर्ग के अस्पताल में शुक्रवार को बेसमेंट में स्थित लिफ्ट के चेंबर में काम करते समय चार मंजिल ऊपर बांध रखी लिफ्ट अचानक रस्सी से खुलकर नीचे गिर पड़ी। जिससे ग्राम सौराना निवासी शमशाद की मौत हो गई। पुलिस ने उस समय तो हंगामा कर रहे परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद तुरंत कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करा दिया था। परिजनों ने पोस्टमार्टम भी करा दिया और एफआईआर भी दर्ज करा दी। लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस चुप बैठ गई। पुलिस ने एफआईआर को फाइल में बंद करके रख दिया। जब मृतक का भाई और पिता कोतवाली में कार्रवाई के बारे में जानकारी करने के लिए पहुंचे तो उनके साथ एक दारोगा को अस्पताल तक भेज दिया और जांच के लिए निरीक्षण करने का बहाना बनाकर कुछ देर बाद वापस आ गए। दोनों को कार्रवाई करने का आश्वासन देकर घर भेज दिया।
बताया जा रहा है कि चिकित्सकों एवं लिफ्ट कंपनी के लिए राजनीतिक रूप से दबाव बनाया जाने लगा है। जिसके चलते पुलिस ने भी लोगों को शांत करने के लिए एफआईआर दर्ज कर ली। जांच में क्या होगा, यह तो बाद में ही पता चलेगा। लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस कुछ करने को तैयार नहीं है।
कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा का कहना है कि मौके पर जांच के लिए एक दारोगा को भेजा गया था। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। कार्रवाई भी जल्दी की जाएगी।
--। विकास प्राधिकरण ने नहीं सौंपी रिपोर्ट
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल द्वारा डाक्टर पीडी गर्ग के अस्पताल के नक्शा एवं बेसमेंट के नक्शे के बारे में सहारनपुर विकास प्राधिकरण से रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी शनिवार तक कोई रिपोर्ट नहीं दे सके। माना जा रहा है कि अभी तक बेसमेंट के संबंध में कोई नक्शा ही पास नहीं किया गया था।
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--। बिना किसी लाइसेंस के अस्पताल में भर्ती कर लिए मरीज
--। दुर्घटना होने के बाद तुरंत ही मरीजों को किया शिफ्ट
सहारनपुर। डाक्टर पीडी गर्ग के अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने का कोई प्रमाण-पत्र, न कोई सुरक्षा संबंधी लाइसेंस ही ले रखा था। जैसे ही दुर्घटना हुई, जांच के भय से सभी मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया। डाक्टर पीडी गर्ग और सक्षम अस्पताल के मैनेजमेंट ने शहर के अन्य अस्पतालों में अपने मरीजों को भर्ती कराकर डाक्टर पीडी गर्ग के अस्पताल को पूरी तरह से खाली करा दिया। जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इतने दिन से अस्पताल में अनाधिकृत रूप कार्य होता रहा और स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन चुप्पी साधे रहा।
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