सहारनपुर। योनो एप में आई तकनीकी दिक्कत को ठीक कराने के नाम पर जालसाजों ने एक व्यक्ति से ओटीपी हासिल कर उसके बैंक खातों से 5.40 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल नंबर की जांच शुरू कर दी है।
देवबंद थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी आसा निवासी अरविंद कुमार त्यागी ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर बताया कि तीन जनवरी 2026 को उनका एसबीआई योनो एप काम नहीं कर रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने गूगल पर सर्च किया, जहां उन्हें योनो प्रॉब्लम सॉल्विंग नाम की साइट पर एक मोबाइल नंबर मिला। उस नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का कर्मचारी बताया और एप की समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि जालसाज ने अरविंद को झांसे में लेकर ओटीपी हासिल कर लिया। इसके बाद उनके एसबीआई खाते से 4.90 लाख रुपये आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए गए। वहीं, उनके दूसरे एसबीआई खाते से 50 हजार रुपये निकाले। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने ऑनलाइन साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच में जुटी है।
ऐसे करें बचाव
- किसी भी बैंक या एप से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए गूगल पर मिले अंजान नंबरों पर कॉल न करें। बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। किसी भी संदिग्ध कॉल या ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।