लोहड़ी पर्व पर महिलाओं और युवतियों ने मचाया धमाल
सहारनपुर। लोहड़ी पर्व पर महिलाओं और युवतियों ने खूब धमाल मचाया। लोहड़ी के लोक गीतों पर जमकर थिरकीं और एक दूसरे को बधाई दीं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने अपराजिता अभियान की खूब सराहना की।
रविवार को दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट कालोनी में लोहड़ी पर्व पर का कार्यक्रम आयोजित कराया गया। वरिष्ठ महिला सुबोध मलिक ने लोहड़ी में अग्नि प्रज्ज्वलित की तथा लोहड़ी पर्व के बारे में जानकारी दी। लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है, जिसमें महिलाएं और युवतियां खूब मनोरंजन करती हैं। इसके बाद लोहड़ी की अग्नि के चारों तरफ महिलाओं और युवतियों ने घूमते हुए नृत्य किया और लोक गीत भी गुनगुनाए। जिसमें प्रमुख रूप से सुंदर मुंदरिये, सुंदर मुंदरिये तेरा कौन बिचारा, दुल्ला भट्टी वाला पर महिलाओं ने खूब नृत्य किया। इसके अलावा गिद्दा और भंगड़ा भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मूंगफली, रेवड़ी और बांटकर एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामना दी गई। इस दौरान शिवानी, नीतू, निशा, कविता, मंजू, कंचन सूरी, मीनू गुप्ता, पूनम कश्यप, मनीष पंवार, नेहा, रेणू, प्रिया बजाज, महक शर्मा, अंजलि, दविंद्र कौर, संगीता, डाक्टर प्राची, विशाखा, पूनम और वीणा आदि मौजूद रहीं।
सुंदर परिधान में आई युवती और महिलाएं
लोहड़ी पर्व के दौरान पैरमाउंट में महिलाएं और युवतियां सुंदर सुंदर परिधान पहनकर शामिल हुईं। लड़कियों के दो ग्रुपों ने पंजाबी पोशाक पहनकर भंगड़ा और गिद्दा किया, तो उन्हें देखकर सभी ने दांतों तले अंगुली दबा ली।
अभियान की सराहना
- अमर उजाला फाउंडेशन का अपराजिता अभियान सराहनीय है। लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन करना अच्छा प्रयास है। -- शिवाली शर्मा
- लोहड़ी पर्व से खुशी मिलती है। संस्कृति तथा कार्यक्रमों के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी मिलती है। अपराजिता अभियान की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। -प्रिया बजाज
- जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही ऐसे आयोजन होने आवश्यक हैं। महिलाओं में इस पर्व को लेकर काफी उत्सुकता रहती है और कई दिन से तैयारी की जाती है। - नेहा अरोड़ा
- परिवार और आसपास की महिलाओं के साथ कार्यक्रम में शामिल होना, नाचने-गाने से सामाजिक दायरा बढ़ता है और प्रेमभाव पैदा होता है। - चिंकी सरोहा
- लोहड़ी का पर्व मनाकर बहुत अच्छा रहा। खूब मनोरंजन हुआ, खासकर कालोनी की लड़कियों ने तो जमकर भंगड़ा दिया। अपराजिता अभियान सराहनीय है। - नीतू सिंह
- ऐसे आयोजन से जाहिर होता है कि अलग अलग समाज के लोगों के पारंपरिक त्योहार क्या हैं और उन्हें कैसे मनाया जाता है। आयोजन में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। - निशा शर्मा