छुटमलपुर (सहारनपुर)। पिछले एक माह से दया शुगर मिल के सुंदरपुर गन्ना तौल केंद्र पर किसानों से गन्ने की खरीद नाम मात्र की हुई है। किसानों ने मिल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार को क्रय केंद्र पर हंगामा किया। चेताया कि यदि दो दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान अपना गन्ना खेत में ही जलाने और मिल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
सुंदरपुर गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचे किसानों का कहना था कि 28 अक्तूबर को सुंदरपुर में दया शुगर मिल गागलहेड़ी ने गन्ना क्रय केंद्र शुरू किया था। उसके बाद आज तक सिर्फ तीन बार ही गन्ने का तौल किया वह भी ऐसी स्थिति में किया गया कि ट्रैक्टर ट्राली से गन्ना उतार कर किसान मात्र 15 क्विंटल गन्ना ही मिल को बेच सके हैं। बाकी गन्ना इस तौल केंद्र पर तौलने की व्यवस्था ही नहीं की गई। आरोप लगाया कि शुगर मिल का लिपिक यहां कभी भी समय पर पहुंचता ही नहीं है। बुधवार को भी दोपहर करीब 12 बजे सुंदरपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचे दया शुगर मिल के तौल लिपिक सुनील त्यागी को किसानों ने घेर लिया और खरी-खोटी सुनाई। क्षेत्र के गांव खुशहालीपुर निवासी ध्यानसिंह सैनी, तेग सिंह, गणेशपुर के धर्म सिंह, सुंदरपुर निवासी चौधरी लक्ष्मण सिंह, अमित कुमार, अखिल चौधरी, शक्ति सिंह, समरपाल, मनोहरपुर निवासी किसान गिरधारी सिंह, उगेश काम्बोज (बबली), प्रवेश काम्बोज, तोता टांडा निवासी अनिल कुमार, अशोक कुमार, चौधरी राजकुमार आदि ने हंगामा किया। किसानों का कहना था कि मिल द्वारा पर्ची रिलीव करते ही मेसेज किसान के मोबाइल पर पहुंच जाता है, लेकिन पर्ची नहीं पहुंचती। अगेती गन्ने की फसल का कटान कर गेहूं की बुवाई का समय समाप्त हो रहा है, लेकिन गन्ना खेतों में खड़ा है। मेसेज पढ़कर किसान गन्ना छिलकर खेत में इकट्ठा कर लेते हैं परंतु क्रय केंद्र पर तौल नहीं होने की वजह से गन्ना खेत में सूख रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि दो दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उधर, मिल के जीएम अली मोहम्मद ने बताया कि अभी मिल की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जल्द ही व्यवस्था सुचारु कर दी जाएगी।