छुटमलपुर (सहारनपुर)। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की जेल से रिहाई के दूसरे दिन हालांकि उससे मिलने पहुंचने वाले लोगों की संख्या तो कम रही लेकिन इसमें संगठन के रणनीतिकार और जेएनयू के प्रोफेसर जैसे लोग शामिल रहे। इनसे चंद्रशेखर ने एकांत में काफी देर तक संगठन के गठन और आगामी दिनों में क्रियान्वित की जाने वाली गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।
शब्बीरपुर कांड के बाद पंद्रह महीने जेल की सलाखों के बीच रहने के बाद बाहर निकले भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के दूसरे दिन भी समर्थकों के उससे मिलने आने का हरिजन कालोनी स्थित सतीश रावत के आवास पर तांता लगा रहा। इनमें भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथी बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। जेएनयू के प्रोफेसर केशव प्रसाद अपने दो साथियों के साथ शनिवार की दुपहर करीब एक बजे दिल्ली से रावण से मिलने के लिए यहां पहुंचे। चंद्रशेखर ने आधा घंटा से ज्यादा समय तक प्रोफेसर से एकांत में बात की। माना जा रहा है कि रावण ने भीम आर्मी की रणनीति और आगामी योजनाओं पर प्रोफेसर से बात करने के साथ ही जेएनयू से मिलने वाले समर्थन पर भी चर्चा की।
इसके अतिरिक्त बुलंदशहर से धर्मेंद्र कुमार, भीम आर्मी गाजियाबाद की सुंदरी डोगर, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं भीम आर्मी दिल्ली के प्रदेश प्रभारी सुनील सम्राट, निगाहें संगठन के सतपाल तंवर, भीम आर्मी के युवा विंग के रवि गौतम, बसपा के पूर्व दर्जाधारी मंत्री विनोद तेजियान और हरिगौतम आदि ने भी हरिजन कालोनी पहुंच रावण से मुलाकात की। इससे पूर्व शुक्रवार की देर शाम पूर्व बसपा नेता एवं गुजरात, हिमाचल के प्रभारी रहे प्यारे लाल जाटव भी रावण से मिलने पहुंचे थे।