देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामी तालीम के दूसरे सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम वक्फ में बुधवार से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई। बुधवार को संस्था के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने छात्रों को बुखारी शरीफ का पहला पाठ पढ़ाते हुए उन्हें अनुशासन में रहकर तालीम हासिल करने की नसीहत की।
दारुल हदीस में छात्रों को बुखारी शरीफ का पाठ पढ़ाते हुए मौलाना सुफियान कासमी ने हजरत इमाम बुखारी की महानता पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कहा कि छात्रों को चाहिए कि वह अपना जीवन सुन्नते नबवी के अनुसार जीने का संकल्प लें। इसी से दुनिया और आखिरत में सफलता मिल सकती है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन में रहकर तालीम हासिल करने और जिस उद्देश्य के लिए यहां आए हैं उसी पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि दीनी तालीम इंसान को सही रास्ते पर चलने का तरीका सिखाती है। इसलिए छात्र तालीम हासिल करने इसकी रोशनी दूर दूर तक फैलाने का काम करें। इस दौरान मौलाना सुफियान कासमी ने मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना मुफ्ती अब्दुल्लाह इस्माइल पटेल के इंतकाल पर दुख जताते हुए उनके दुनिया से रुखसत होने को इस्लामी जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। इस मौके पर भारी संख्या में मौजूद मदरसा छात्रों ने मुफ्ती अब्दुल्लाह के लिए दुआ-ए-मगफिरत की।