देवबंद (सहारनपुर)। नगरपालिका का सीमा विस्तार हुआ भी नहीं कि विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। मंगलवार को पालिका के कई सभासदों ने इस मामले का विरोध करते हुए इसे नियम विरुद्ध बताया है।
बता दें कि क्षेत्रीय विधायक ब्रिजेश सिंह और भाजपा नगराध्यक्ष गजराज राणा ने नगरपालिका के सीमा विस्तार की मांग को उठाई थी। जिस पर प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक कालोनियों और गांवों को इसमें शामिल करते हुए नगरपालिका के विस्तार का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। शासन से हरी झंडी मिलते ही सीमा विस्तार के बाद नगरपालिका ग्रेड-1 पालिका बन जाएगी। इसका क्षेत्र भी करीब डेढ़ हजार बीघा तक बढ़ जाएगा। साथ ही बजट बढ़ने के साथ ही सुविधाओं में भी इजाफा होगा। मंगलवार को मामला प्रकाश में आते ही विरोध के स्वर उभरने लगे। मोरी तेलियान में सभासद प्रतिनिधि तौफीक अहमद जग्गी के आवास पर पत्रकार वार्ता में सभासदों ने कहा कि प्रशासन स्तर पर देवबंद नगर पालिका की सीमा विस्तार किए जाने की कोई भी जानकारी बोर्ड को नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा वृद्धि का कोई भी प्रस्ताव बोर्ड द्वारा पास नहीं किया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा शासन का भेजा गया प्रस्ताव बेमानी है। उन्होंने कहा कि पालिका को ए श्रेणी में लाने के लिए दो लाख या उससे अधिक आबादी होना जरूरी है। जबकि देवबंद नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 97 हजार है। इसलिए देबबंद पालिका विस्तार का कोई औचित्य ही नहीं बनता है। चेतावनी दी यदि सीमा विस्तार हुआ तो सड़कों पर आकर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान हाजी मुस्तकीम, अमजद इलाही, सुधा गांधी, महताब, शराफत मलिक, डा. वाजिद, शाहिद हसन, सैय्यद हासिस असलम आदि रहे।