सहारनपुर। जिला जेल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहे रोहिला राजवंश के किले को खाली कराने के बाद पुरातत्व विभाग इसका जीर्णोद्धार कराएगा। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के बाद शासन ने किले को खाली कराने के आदेश जिला प्रशासन को दिए हैं। इस संबंध में प्रशासन को पत्र जारी किया गया है।
जिला जेल के गेट पर लगा पत्थर इसके रोहिला राजवंश का किला होने की पुष्टि करता है। इस पत्थर पर रोहिला राजवंश के बारे में लिखा हुआ है। रोहिला राजवंश के इस किले को अंग्रेजों ने 1870 में जेल बनाया था। 1920 में पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया था। वर्ष 2014 में पुरातत्व विभाग की टीम ने यहां पहुंचकर इसके कुछ हिस्से की खुदाई की थी। साथ ही भवन का मुआयना भी किया था। इस दौरान पुरातत्व विभाग को कई अहम चीजें यहां से मिली थीं। तब से इसे खाली कराने की तैयारी पुरातत्व विभाग द्वारा चल रही है। पिछले वर्ष शासन ने प्रशासन को चिट्ठी लिखकर इसे खाली कराने के आदेश दिए थे। साथ ही जेल बनाने के लिए जमीन तलाशने को भी कहा था। तब से प्रशासन जमीन की तलाश में लगा है। हाल ही में शासन ने पुन: प्रशासन को पत्र लिखकर खाली करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जेल बनाने के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। जिसकी फाइल शासन को भेजी गई है। जल्द ही जेल के भवन का निर्माण शुरू होगा।
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सहारनपुर में जिस भवन में जिला जेल चलाई जा रही है। असल में वह रोहिला राजवंश का किला है, जो संरक्षित स्मारक है। इस किले को खाली कराने के बाद इसका जीर्णोद्धार कराकर इसे पुराने रूप में लाया जाएगा। साथ ही इसका कायाकल्प भी कराया जाएगा, जिसके बाद आम लोगों को इसके भीतर जाने की अनुमति होगी।
भुवन विक्रम, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, आगरा परिक्षेत्र।