देवबंद। मदरसा इस्लामिया असगरिया व दलित कल्याण त्यागी फाउंडेशन की शोक सभाओं में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व दारुल उलूम वक्फ के सदर मोहतमिम मौलाना सालिम कासमी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
बृहस्पतिवार की रात्रि भायला रोड स्थित मदरसा इस्लामिया असगरिया में आयोजित शोकसभा में तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी व मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि मौलाना सालिम कासमी के दुनिया से चले जाने से इस्लामिक जगत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि मौलाना सालिम ने हमेशा शांति का संदेश दिया है। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि मौलाना सालिम ने जिंदगी को सादगी के साथ जिया है। उनके दिखाए गए रास्तों पर चलकर हजारों छात्र दीन की खिदमात को अंजाम दे रहे हैं। संस्था के मोहतमिम डा. सैय्यद जमील हुसैन ने खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए मौलाना सालिम की सेवाओं पर रोशनी डाली। दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, डा. मैयादास, सेठ कुलदीप कुमार, जनेश्वर प्रसाद, मौलाना शाहिद आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर हाजी फजुलुर्रहमान, डा. कमरुज्जमा, हाफिज आसिम, तजम्मुल हुसैन, सलमान, नजम उस्मानी, अंसार मसूदी, अनस डा. नवेद अख्तर आदि मौजूद रहे। वहीं, दलित कल्याण त्यागी फाउंडेशन की बीआर कालेज ऑफ हायर एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी में हुई शोकसभा में संस्थापक जर्नादन दास त्यागी ने कहा कि मौलाना सालिम एक महान शिक्षाविद थे। उनके निधन से शिक्षा जगत में ऐसी भारी क्षति हुई है जिसकी भरपाई होना संभव नहीं है। इस मौके पर प्राचार्य संदीप अरोरा, योगेंद्र कुमार त्यागी, अरुण कुमार, अंजर उस्मानी, अवंतिका चौधरी, आशू त्यागी, मोहित शर्मा, पंकज कुमार, राजपाल सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।