फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिन बाद जेल से रिहा हुए पालिकाध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन
पालिकाध्यक्ष को जमानत, जेल से रिहा
विज्ञापन

देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी बिल घोटाले के आरोप में जेल गए पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी को बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई। जेल में परवाना पहुंचने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

नगरपालिका के जलकल विभाग में वर्ष 2003 में हुए लाखों रुपये के घोटालों में फंसे पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी ने 20 मार्च को सीजेएम डा. दीनानाथ की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया था, जिस कारण अंसारी को जेल जाना पड़ा था। इसी दौरान अंसारी की तरफ से एडीजे प्रथम बबीता रानी की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन अदालत ने बहस के बाद मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक टाल दी थी। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अंसारी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। अंसारी को जमानत मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बसपा नेता अय्यूब बेग और शमशुल आदि ने इसे सच्चाई की जीत बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें