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पदमावत फिल्म के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश दुर्भाग्यपूर्ण

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देवबंद (सहारनपुर)। राजपूत चेतना मंच द्वारा पद्मावत फिल्म पर राज्य सरकारों द्वारा लगाई गई रोक को समाप्त कर फिल्म का प्रदर्शन कराने में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चर्चा की।
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संगठन कार्यालय पर बैठक में डा. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर सुप्रीम कोर्ट का फिल्म को प्रदर्शित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर थोपना गलत है। अधिवक्ता सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि पद्मावत फिल्म की तुलना बैंडिट क्वीन से करके राजपूत समाज को अपमानित किया गया है। जिससे क्षत्रिय समाज आहत है। इस फिल्म को किसी भी सूरत में चलने से रोका जाएगा। केंद्र सरकार का दायित्व है कि सुप्रीम कोर्ट की इस प्रकार की कार्रवाई की समीक्षा करे। चूंकि कानून व्यवस्था बनाना सरकार का काम है। हिंदू समाज को अपमानित करने वाले किसी भी कार्य का क्षत्रिय समाज पुरजोर विरोध करेगा। मुकेश राणा व मोकिंत ने कहा कि क्षत्रिय समाज अब जाग चुका है। वह पद्मावती के जौहर तथा कुर्बानी के इतिहास को दोहराने के लिए तैयार है। अपनी आन-बान व शान के लिए क्षत्रिय समाज का नौजवान सब कुछ न्यौछावर करने को तैयार है। बैठक में रोहित, नीरज, धर्म सिंह, गौरव, अमित, बबल सिंह आदि रहे।
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