सहारनपुर में पुलिस कर्मियों की लापरवाही से अर्पित और सन्नी की मौत होने के चलते मचे हंगामे के बीच शनिवार को डीएम और एसएसपी दोनों उनके घर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और दोषी पुलिसकर्मियों को जांच के बाद बर्खास्त करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने मुआवजा दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया। बृहस्पतिवार की आधी रात को नुमाइश कैंप के सेतिया विहार निवासी अर्पित खुराना और सन्नी गुप्ता सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंची डायल-100 की गाड़ी पर तैनात पुलिस कर्मी खड़े हुए उन्हें देखते रहे। गाड़ी गंदी होने की बात कहते हुए उन्होंने दोनों घायलों को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया था।
पुलिस कर्मियों की इस शर्मनाक करतूत ने पूरे पुलिस महकमे को न सिर्फ शर्मसार किया, बल्कि लोगों की सहायता के लिए चलाई गई डायल 100 तथा पुलिस कर्मियों की संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस कर्मियों की इस हरकत ने लोगों में आक्रोश भर दिया।
जिसके बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जाम लगा दिया। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख जिलाधिकारी पीके पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
उन्होंने मृतकों के परिजनों से बात की और उन्हें सांत्वना दी। पहले डीएम एवं एसएसपी अर्पित खुराना के घर पहुंचे और अर्पित के पिता राकेश खुराना से बात की। उन्होंने राकेश खुराना को आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डीएम पीके पांडेय ने कहा कि सिर्फ एफआईआर कराने एवं निलंबित करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। जांच कराकर आरोपियों को नौकरी से भी बर्खास्त कराया जाएगा। लोगों में आक्रोश इतना अधिक था कि डीएम और एसएसपी के सामने ही पुलिस एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
डीएम और एसएसपी के सामने ही राकेश खुराना फफक कर रो पड़े। लोगों ने डीएम से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाए जाने एवं एक व्यक्ति को नौकरी दिलाए जाने की मांग की। इससे पूर्व नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह भी मृतक परिवारों को सांत्वना देने के लिए दोनों के घर पर पहुंचे और उन्हें कार्रवाई तथा पूरी मदद कराए जाने का आश्वासन दिया। उनकेे साथ पूर्व विधायक राजीव गुंबर भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
20-20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की
सहारनपुर। नगर विधायक संजय गर्ग शनिवार की दोपहर मृतक परिजनों के परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह से निरंकुश हो चुकी है। जो डायल 100 लोगों की सहायता के लिए लगाई गई थी, अब लोगों की सहायता करने के लिए तैयार नहीं है।
पुलिस सिर्फ लोगों के उत्पीड़न का काम कर रही है। लोगों की सुनवाई करने को कोई तैयार नहीं है। उन्होंने मृतक परिवार के पीड़ितों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजेंगे।