मुस्लिम महिलाएं पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ : खुर्शीदा
देवबंद। तीन तलाक समेत दूसरे धार्मिक मामलों में सरकार द्वारा किए जा रहे हस्तक्षेप को लेकर सांपला गांव में हुई बैठक में महिलाओं ने एकसुर में कहा कि वह हर सूरत में उलमा और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ खड़ी हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने तीन तलाक को लेकर जो बिल पेश किया है वह हर स्तर पर उसका विरोध करेंगी।
बृहस्पतिवार को मदरसा जामिया इल्हामिया मदरसा तुल बनात के बैनर तले आयोजित हुई बैठक में खुर्शीदा खातून ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं धार्मिक मामलों में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और शरीयत के साथ मजबूती के साथ खड़ी हुई हैं। शरीयत में किसी भी तरह की दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार हठधर्मी पर अड़ी रही तो मुस्लिम महिलाएं सड़कों पर उतरकर उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर तीन साल की सजा वाला जो बिल लोकसभा में पेश किया है मुस्लिम महिलाएं उसे किसी कीमत पर नहीं मानेंगी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर शरीयत, दीन, उलमा और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को दागदार नहीं होने देंगी। खुर्शीदा खातून ने कहा कि वे जगह जगह कैंप लगाकर महिलाओं को शरीयती कानून को लेकर जागरूक करेंगी और केंद्र सरकार के बिल का विरोध करने का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत महिला पर्सनल लॉ बॉर्डर के साथ हैं। आपा अहतेशाम ने दावत-ओ-तब्लीग, सफ्फाना ने नमाज, तबस्सुम शमशाद व मरहबा रिजवान ने पर्दे पर बयान किया। बैठक की शुरुआत हलीमा की तिलावत-ए-कलाम पाक व सबा सलीम की नात-ए-पाक से हुई। अध्यक्षता शहजादी व संचालन जैनब अर्शी ने किया। इस मौके पर रजिया खातून, सुफिया, इकरा, शबाना, रिहाना, मुशतरी, रेशमा, रानी, आयशा, हलीमा आदि मौजूद रहीं।