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बिहार सरकार की दवाएं होंगी वापस

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सहारनपुर। सरकारी दवा और चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद में हुए भ्रष्टाचार की घटनाओं से सहारनपुर का पुराना नाता रहा है। ताजा मामला बिहार सरकार के हिस्से की दवाओं का महिला अस्पताल में इस्तेमाल होने का है, जिसमें बड़ी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। अमर उजाला में बृहस्पतिवार को इसका समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने दवा सप्लाई करने वाली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क साधा है। आनन फानन में दवाओं को वापस भेजा जा रहा है।
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प्रदेश भर में चर्चाओं में रहे एनआरएचएम घोटाले में सहारनपुर में तैनात अनेक चिकित्सा अधिकारियों का नाम आया था। सीबीआई की टीम तक यहां जांच करने पहुंची थी। कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। 2004-05 और 2005-06 में हुए ड्रग एवं फार्मास्यूटिकल दवा कंपनी से दवा खरीदने के मामले की जांच की आंच भी सहारनपुर तक पहुंची थी। इसके अलावा दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद में हुई गड़बड़ी में भी सहारनपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों पर उंगली उठती रही है। अब बिहार के हिस्से की दवाओं का इस्तेमाल सहारनपुर के महिला अस्पताल में होता मिलने से एक और षड्यंत्र की आशंका उजागर हुई है। महिला अस्पताल में पिछले कई दिन से बच्चों को दी जा रही पैरासिटामॉल सीरप की शीशी पर बिहार गवर्नमेंट सप्लाई अंकित है, जिसे शहर के एक जागरूक नागरिक ने पकड़ा। उसने प्रमुख सचिव और मुख्य सचिव चिकित्सा को इसकी शिकायत कर जांच की मांग उठाई है। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार 23 नवंबर के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने दवा सप्लाई करने वाली कंपनी से संपर्क कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग बिहार गवर्नमेंट सप्लाई लिखी दवाओं को वापस कंपनी को भेज रहा है।

सवाल कुछ गलत नहीं है तो दवाएं वापस क्यों?
सीएमएस डॉ. सत्य सिंह बिहार सरकार के हिस्से की दवाओं को सहारनपुर अस्पताल में इस्तेमाल होने को बड़ा मामला नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार दवा सप्लाई करती है। वह किसी भी राज्य के हिस्से की दवाओं को जरूरत के हिसाब से कहीं भी भेज सकती है। इसमें कोई गलत बात नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि बिहार सरकार की दवाएं सहारनपुर में आना कोई गलत काम नहीं है तो फिर विभाग दवाओं को वापस क्यों भेज रहा है? दवाओं को आनन फानन में वापस भेजा जाना आपने आप में यह साबित करता है कि कुछ तो गड़बड़ी है, जिससे अधिकारी मुंह फेर रहे हैं।
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बिहार सरकार की दवाएं सहारनपुर के महिला अस्पताल में इस्तेमाल होना कोई गलत बात नहीं है। केंद्र सरकार दवाओं की सप्लाई करती है वह जरूरत के हिसाब से दवाओं की सप्लाई करती है। ऐसे ही यहां बिहार सरकार के हिस्से की दवाएं आई हैं। इस संबंध में हमने दवा सप्लाई करने वाली कंपनी से बात की है। उन्होंने माना है कि यूपी के डिब्बे में गलती से बिहार सरकार की दवाएं पैक होकर गलती से पहुंची हैं। हम दवाओं को वापस भेज रहे हैं।
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डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ।
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