सहारनपुर। मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ सर्द मौसम में सियासी तापमान पूरी तरह तपा हुआ है। मुस्लिम मतदाताओं की चुप्पी से राजनीतिक दल बेचैन हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने में लगी है। वहीं, भाजपा भी मुस्लिम मतदाताओं के रुझान पर नजर टिकाए हुए हैं।
जनपद की छह नगर पंचायतों के अध्यक्ष व सभासद, चार नगर पालिकाओं के चेयरमैन व सभासद, नगर निगम के मेयर और 70 वार्डों के पार्षद पद के लिए 29 नवंबर को मतदान होगा। मतदान तिथि नजदीक आने के साथ सियासी घमासान भी तेज हो गया है। मुस्लिम मतदाताओं की चुप्पी ने राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ाई हुई है। इस कारण सर्द मौसम में प्रत्याशियों के पसीने छूट रहे हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। उधर, भाजपा ने नगर निगम के कई वार्डों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। ताकि भाजपा को मुस्लिम समाज का वोट मिल सके, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं की चुप्पी ने राजनीतिक पंडितों के आंकड़ों को भी फेल किया हुआ है।
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दलित मतदाताओं पर भी नजर
सहारनपुर। नगर निगम के चुनाव में दलित मतदाता भी निर्णायक भूमिका में है। नगर निगम में जिन 14 गांवों को शामिल किया गया, वहां मुस्लिम और दलित मतदाता भारी संख्या में है। इन गांवों के दलित मतदाता निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। इसी वजह से मुस्लिम के साथ दलितों को भी अपने पाले में लाने के लिए राजनीतिक दल हर संभव प्रयास में जुटे हैं।