सर्किट हाउस में स्मार्ट सिटी बैठक लेते मेयर संजीव वालिया व डीएम अखिलेश सिहं
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी की कई संभावित परियोजनाओं का शनिवार को सिटी लेवल एडवाइजरी फोरम के समक्ष प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। ट्रैफिक और वाहन पार्किंग समस्या को लेकर हुई चर्चा के दौरान सुझाव भी मांगे गए। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सहारनपुर को 50 सीएनजी बसें भी आवंटित कर दीं हैं। उन्हें नगर निगम ही संचालित कराएगा।
सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में महापौर संजीव वालिया ने कहा कि लॉकडाउन के कारण कई योजनाएं लंबित हैं, जबकि कई योजनाओं के टेंडर हो चुके हैं। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि महानगर में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग एवं यातायात की है। उन्होंने स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं का कार्य देख रही कंपनी पीडब्लयूसी से कहा कि वे बताएं कि उन्होंने ट्रैफिक समस्या से शहर को निजात दिलाने के लिए क्या योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नगर निगम को 50 सीएनजी बसें आवंटित की हैं। पीडब्लयूसी के अधिकारी संजय वर्मा और जफर अहमद ने बताया कि ट्रैफिक समस्या में सबसे बड़ी भूमिका ई-रिक्शों की है। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दस में से पांच रूट का चयन किया है। हर एक रूट पर दो-दो ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग बूथ बनाये जाने की योजना है। इसके अलावा जुबली पार्क में मल्टीलेवल कार पार्किंग, अंबाला रोड बस स्टैंड पर मल्टीयूटिलिटी प्रोजेक्ट व रायवाला पर बहुउद्देशीय सिटी सेंटर निर्माण पर भी प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया गया। सरदार हरनीत सिंह ने पांच स्थानों पर वाटर एटीएम पर संभावित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। नोडल अधिकारी बीके सिंह ने भरोसा दिलाया कि दो माह में योजनाएं धरातल पर आने लगेंगी। रामपुर विधायक देवेन्द्र निम, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, स्मार्ट सिटी के डायरेक्टर सुशील पुंडीर, शिराज आलम, राहुल लखनपाल शर्मा, केएल अरोड़ा, शीतल टंडन, राजेश जैन, राजीव अग्रवाल, त्रिलोकचंद गुप्ता, शिव कुमार गौड़, कुलभूषण जैन, रविन्द्र मिगलानी आदि ने भी विचार रखे।