सहारनपुर के ढायकी गांव विभिन्न बीमारियों से होने वाली मौतों को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। गांव में पहले कैंसर ने कई लोगों की जिंदगियां लील ली और अब जानलेवा बुखार लोगों की मौतों का कारण बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक तीन माह के भीतर बुखार से गांव में करीब चार दर्जन से भी ज्यादा लोगों की मौतें हो चूकी है। लगातार हो रही मौतों से चिंतित ग्रामीणों ने सोमवार को गांव में हवन किया और सभी लोगों की सलामती की कामना की।
सोमवार को गांव के शिव मंदिर में हुए हवन में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में हिस्सेदारी कर आहुति डाली। यज्ञ के ब्रह्म पंडित करेशन उत्त और यज्ञमान जोध सिंह ने यज्ञ कराया। ग्रामीणों ने हवन में आहुति डालते हुए गांव के लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहने की कामना की।
साथ ही बीमारियों के कारण मौत का ग्रास बने लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बता दे कि इससे पहले ढायकी गांव में कैंसर से अनेक लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने गांव में बीमारियों के फैलाने का कारण गांव का पानी दूषित होना बताया है।
हवन यज्ञ करने वालों में अक्षय चौधरी, डॉ. वीरेंद्र आर्य, प्रेम सिंह, चैन सिंह, दिग्वेंद्र माजरा, ब्रजपाल सिंह, बबलू, मुकेश, जगमाल सिंह, बिजेंद्र कुमार, सुमित्रा, करेशनी, पुष्पा, पूजा, संतोष, बिमला, जनक कुमारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड पत्रों का वितरण किया गया। इसके लिए सोमवार को जनमंच प्रेक्षागृह में आयोजित मंडल स्तरीय मेगा कैंप में सहारनपुर के साथ ही मुजफ्फरनगर और शामली के समूहों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। समूह सदस्य अलग से बसें कर कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। दोपहर करीब ढाई बजे तक कैंप संपन्न हो गया था।