किसानों का 422 करोड़, समितियों का 15 करोड़ दबाए बैठी मिलें
व् सहारनपुर। चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरू होने जा रहा है। बावजूद किसानों का किसानों का करीब 422 करोड़ रुपये बकाया है तो, गन्ना समितियों का भी 15.77 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है।
गन्ना विकास समितियां शुगर मिलों से गन्ना विकास अंशदान वसूलती हैं। यह अंशदान 8.25 रुपये प्रति क्विंटल बनता है। अंशदान का 25 फीसदी हिस्सा संबंधित गन्ना विकास परिषदों को जाता हैे। जबकि इसका उपयोग निर्माण कार्यों और परिषद के खर्चों में किया जाता है। 75 प्रतिशत राशि गन्ना विकास समिति के खाते में जाता है। इसे वह कर्मचारियों के वेतन से लेकर अन्य मदों में खर्च करती हैं। भुगतान नहीं होने से गन्ना विकास समितियों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित होते हैं।
जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 422 करोड़ रुपये और गन्ना विकास समितियों का 15.77 करोड रुपये बकाया हैं। मिले चीनी बेचकर बकाया गन्ना मूल्य और अंशदान का भुगतान कर रही हैं। सभी शुगर मिलों को जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
--------- बकाया गन्ना मूल्य --
मिल ---------------- बकाया
देवबंद --------------- 95.62 करोड़ रुपये
गांगनौली ----------- 158.43 करोड़
शेरमऊ -------------- 53.40 करोड़
गागलहेडी ----------- 36.16 करोड़
नानौता -------------- 50.76 करोड़
सरसावा -------------- 28.05 करोड़
योग ---------------- 422.45 करोड़ रुपये
--------- बकाया गन्ना विकास अंशदान की स्थिति
मिल ----------- बकाया अंशदान
देवबंद ------------- 6.53 करोड़ रुपये
गांगनौली --------- 3.35 करोड़
शेरमऊ ------------ 2.41 करोड़
गागलहेडी ---------- 0.97 करोड़
नानौता ------------ 1.95 करोड़
सरसावा ------------ 0.54 करोड़
योग --------------- 15.77 करोड़ रुपये
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(नोट: गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार)