अंग्रेजी भाषा में भी महारत हासिल करें मदरसा छात्र : महमूद
देवबंद। इस्लामी तालीम के दूसरे बड़े इदारे दारुल उलूम वक्फ में अंग्रेजी कितनी जरूरी है विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें मदरसा छात्रों को वर्तमान समय में अंग्रेजी भाषा के महत्व को समझाया गया।
रविवार को आयोजित हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंग्लैंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डा. महमूद चांदनिया ने कहा कि मदरसा छात्रों को दीनी तालीम के साथ साथ इंग्लिश भाषा में भी महारत हासिल करनी चाहिए। इस भाषा का ज्ञान होने से किसी भी क्षेत्र में आसानी से तरक्की की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा का दायरा बहुत बढ़ा है तकरीबन सभी जगह अंग्रेजी भाषा का ज्ञान रखने वाले लोगों को वरीयता दी जा रही है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि इस भाषा को पढ़ा और समझा जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में जाकर तरक्की के रास्ते पर चला जा सके। उन्होंने संस्था में अंग्रेजी डिप्लोमा कर रहे छात्रों से आह्वान किया कि वह दीनी तालीम के साथ मेहनत और लगन के साथ अंग्रेजी भाषा भी सीखें। ताकि उन्हें किसी भी जगह इसकी वजह से शर्मिंदगी न उठानी पड़े। इस अवसर पर संस्था के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी और हुज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी ने डा. महमूद चांदनिया का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना इस्लाम कासमी, मौलाना बिलाल अहमद, मौलाना शमशाद रहमानी, मौलाना अब्दुल हफीज, अब्दुल रहमान, शफीक अहमद आदि मौजूद रहे।