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सहारनपुर में आदमखोर होते जा रहे हैं आवारा कुते

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सहारनपुर। जंगली जानवरों से ही नहीं अब गली मोहल्लों में घूम रहे आवारा कुत्तों से भी लोग दहशत में आ गए हैं। आदमखोर हो चुके कुत्ते लगातार बच्चों और बुजुर्गों को अधिकांशत: अपना निशाना बना रहे हैं। डेढ़ साल में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को आदमखोर हो चुके कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया है।
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सहारनपुर में आवारा कुत्तों की इतनी दहशत हो गई है कि लोग अब कुत्तों के झुंड को देखकर भी कांपने लगे हैं। मंगलवार को थाना मिर्जापुर के गांव खवासपुर में आवारा कुत्तों द्वारा बुजुर्ग महिला को नोंच-नोंच कर मार डालने की घटना से लोग सिहर उठे हैं। यह घटना पहली नहीं है सहारनपुर में आदमखोर कुत्ते लगातार बुजुर्गों और बच्चों को लगातार अपना शिकार बना रहे हैं। अभी हाल में ही चार अगस्त को सहारनपुर शहर के शेखपुरा में छह साल के मासूम फहीम पर कुत्तों ने हमला कर नोंच कर मार डाला था। मोहल्ला नूरबस्ती निवासी कलीम की दस साल की बेटी इशा को भी मोहल्ले के ही आवारा आदमखोर कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया।
जुलाई में इंदिरा कालोनी निवासी 65 वर्षीय महिला को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया था।
करीब 8 महीने पहले बेहट कोतवाली क्षेत्र के गांव दयालपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने संजय की एक साल की बेटी सिद्धांती को नोंच-नोंच कर खा लिया था। रामपुर मनिहारन के ग्राम मल्हीपुर में पिछले साल शमसाद की डेढ़ वर्षीय बेटी को घर के बाहर खेलते समय कुत्तों का झुंड जबड़े में दबोचकर खेत में ले गया और नोंच-नोंच कर मार डाला।
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गंगोह से सटे गांव लखनौती निवासी 55 वर्षीय महिला सफाईकर्मी बालादेवी कूड़ा डालने के लिए गांव से बाहर निकली तभी आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर मार डाला।
चिलकाना क्षेत्र के शाहपुर दाऊद में गांव के बाहर खेल रहे बच्चों पर अचानक दर्जनों कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों से आस मोहम्मद को बुरी तरह से नोंच डाला। जिसकी अस्पताल में मौत हो गई थी।
पठेड़ में अपने घर से खेत में माता-पिता के पास जा रहे 8 वर्षीय कन्हैया व उसकी 12 वर्षीय बहन नैनसी को आवारा कुत्तों ने घेर लिया। बच्ची भाग गई लेकिन कन्हैया कुत्तों से घिर गया। जब तक लोग दौड़ कर आए तब तक कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच डाला।
मिर्जापुर में 12 साल के एक बच्चे को कुत्तों ने निवाला बनाी लिया। ग्राम सड़क दूधली में तीन वर्षीय मुहम्मद इब्राहीम को उसके घर के बाहर ही कुत्तों ने नोच डाला। यहीं के पहले 28 वर्षीय शहजाद एवं कातिया की 22 वर्षीय पुत्री को भी कुत्तों ने हमलाकर घायल कर दिया था।
रामपुर मनिहारन में कुत्तों के झुंड ने लगभग 10 माह पूर्व दो दर्जन से अधिक भेड़ों को अपना निवाला बना डाला। घर के बाहर बंधे बछड़ों एवं भैंस के बच्चों पर कुत्तों के झुंडों ने हमला शुरू कर दिया।
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-- झुंड में कर रहे हैं हमला
अधिकांश मामलों में कुत्ते झुंड में ही हमला कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि झुंड में कुत्ते किसी मासूम अथवा बुजुर्ग को अकेला देखकर हमला कर देते हैं। व्यक्ति कमजोर होने के कारण कुत्तों के हमले का मुकाबला नहीं कर पाते।
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-- नसबंदी भी कराई गई थी, कम नहीं हुए कुत्ते
शहर में तो कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए नगर निगम ने अभियान चलाकर आवारा घूम रहे कुत्तों को गली मोहल्लों से पकड़कर नसबंदी करा दी थी। जिससे कुत्तों की आबादी न बढ़ सके। लेकिन अभी तक कुत्तों की संख्या कम नहीं हो पाई है।
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