पांवधोई नदी की सफाई के अभियान की हवा निकली
सहारनपुर। पांवधोई नदी की सफाई का अभियान हवा हवाई साबित हुआ है। पिछले करीब तीन सप्ताह से नदी और इसके तटों की सफाई बंद है। नतीजा यह है कि नदी में बाबा लालदास बाड़े पर बने घाट के पास भारी गंदगी है। ऐसे हालात में लोग भी अब अभियान पर सवाल उठाने लगे हैं।
कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी की पहल पर नदी की सफाई का अभियान सात जुलाई को शुरू किया गया था। जनपद के तमाम बड़े अधिकारी, पर्यावरणविद, नेतागण और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सात जुलाई को सफाई के लिए नदी के उद्गम स्थल और घाट पर जमा हुए थे। नदी के कुछ हिस्से की सफाई भी की गई थी। उसके बाद नगर निगम ने प्रत्येक शनिवार को नदी की सफाई कराने की बात कही थी। कुछ ही शनिवार तक यह सिलसिला चला, मगर उसके बाद अभियान दम तोड़ गया। नगर निगम की टीम ने दो से तीन बार केवल बाबा लालदास के बाड़े पर बने घाट पर ही सफाई की, जबकि सबसे अधिक गंदगी धोबीघाट तथा उससे पहले के हिस्से में जमा है। आलम यह है कि नदी में जगह-जगह गंदगी है। धोबीघाट निवासी विनोद कौशिक ने नदी की सफाई के अभियान को दिखावा करार दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी ढंग से धोबीघाट वाले हिस्से की सफाई होती नहीं देखी है। राजेश गुप्ता का आरोप है कि प्रशासन की नदी को पूरी तरह साफ करने की मंशा नहीं है। यदि प्रशासन चाहे तो एक महीने के भीतर नदी की सफाई और इसका कायाकल्प करा सकता है।
अतिक्रमण भी नहीं हटा सका प्रशासन
नदी पर बाबा लाल दास के बाड़े से लेकर इसके ढमोला नदी में गिरने तक भारी अतिक्रमण है। अतिक्रमण को हटाकर नदी के दोनों ओर के मार्गों का चौड़ीकरण कर वन-वे व्यवस्था लागू करना प्रस्तावित है। कुछ समय पहले पूर्व नगरायुक्त गौरव वर्मा ने नदी पर हुए अतिक्रमण और इसपर बने थड़ों को हटाने का निर्णय लिया था। पुल खुमरान पर पुल के चौड़ीकरण के लिए छह दुकानें भी ध्वस्त कराई गई थीं। साथ ही उन्होंने 74 थड़े भी चिह्नित कराए थे, मगर उनके जाने के बाद स्थिति फिर वहीं आ गई। नदी का काफी हिस्सा लोगों के कब्जे में है, जिसे हटाने को लेकर प्रशासन या नगर निगम की कोई तैयार फिलहाल नहीं है।
पांवधोई नदी की सफाई का कार्य चल रहा है। यह ऐसा कार्य नहीं है, जिसे एक दिन में पूरा कराया जा सके। पांवधोई की सफाई और कायाकल्प के लिए पूरा प्लान कमिश्नर के द्वारा बनाया गया है, जिसपर नगर निगम काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी नदी पर कुछ काम होने हैं। बहुत जल्द पांवधोई नदी नए रूप में होगी।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।