आफत की बारिश : मकान गिरने से सात, हादसे में एक की मौत
सहारनपुर/गंगोह। जिले में लगातार हो रही बारिश का कहर जारी है। गंगोह में मकान की छत गिरने से एक परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। इनमें चार बच्चे और उनके माता-पिता शामिल हैं। शुक्रवार देर रात मलबे में दबने की वजह से उनकी चीख तक किसी को नहीं सुनाई दी। सुबह हुई तो परिवार के अंत का खौफनाक मंजर देखकर हर कोई दहल गया। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। सलारपुरा गांव में छत गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं बारिश में सड़क पर गिरे पेड़ से टकराकर बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। पिछले चौबीस घंटे में बारिश 17 लोगों की जिंदगी छीन चुकी है। इनमें से चार की मौत बारिश से सड़क पर गिरे पेड़ से टकराने से हुई है, जबकि एक की मौत पानी में उतरे करंट की चपेट में आने से हुई है ।
गंगोह के मोहल्ला इलाहीबख्श की नई बस्ती निवासी 40 वर्षीय फैजान मूलरूप से नकुड़ का निवासी था। फैजान दो साल से यहां मकान बनाकर रह रहा था। शुकवार रात फैजान अपनी 35 वर्षीय पत्नी इसराना, 13 वर्षीय पुत्र फैसल, 11 वर्षीय पुत्री साइना, नौ वर्षीय पुत्री रानी और डेढ़ माह की बेटी जैनब के साथ घर में सोया था। रात में किसी समय मकान की छत उनके ऊपर गिर पड़ी। बारिश तेज होने के कारण पड़ोसियों तक को हादसे की भनक नहीं लग पाई। मलबे में दबकर पूरे परिवार ने दम तोड़ दिया। शनिवार सुबह पड़ोसियों को हादसे का पता चला तो उन्होंने पुलिस और फैजान के रिश्तेदारों को सूचना दी। पूरे परिवार के दबकर मरने की खबर लगते ही बारिश में ही लोग उधर दौड़ पड़े। शवों को मलबे से निकालकर पास स्थित मदरसे में ले जाया गया। परिजनों के वहां पहुंचते ही कोहराम मच गया। एसडीएम युगराज सिंह, सीओ राजेंद्र सिंह और कोतवाल जितेंद्र कुमार ने मौके पर आकर परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। रिश्तेदारों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। अधिकारी काफी देर तक उन्हें पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाते रहे, लेकिन वह नहीं माने। बाद में पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए। जिलाधिकारी आलोक पांडेय, एसएसपी उपेन्द्र कुमार अग्रवाल, एडीएम प्रशासन एसके दुबे, एसपी देहात विद्या सागर मिश्र आदि ने भी घटनास्थल पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी ने भी परिवार के बीच हादसे पर गहरा दुख जताया।
लखनौती के गांव सलारपुरा में मकान की छत गिरने से गृह स्वामी की मौत हो गई। ओम सिंह (50) शुक्रवार रात कमरे में अकेला था। उसकी पत्नी और बेटा दूसरे कमरे में थे। रात दस बजे के करीब अचानक कमरे की छत भरभराकर नीचे गिर गई। पूरा मलबा सोते समय ओम सिंह के ऊपर आ गिरा। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। ओम सिंह को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। नागल थाना क्षेत्र के गांव आमकी दीपचन्दपुर निवासी 55 वर्षीय रामेश्वर पुत्र मूला चंडीगढ़ से दवा लेकर आया था। नागल से वह अपनी बाइक पर गांव जा रहा था। उसके साथ दगडौली निवासी मिंटू पुत्र बीरबल भी उसकी बाइक पर बैठ गया। शुक्रवार रात करीब 10 बजे गांव मीरपुर से आगे जब वह सुरेश के बाग के निकट पहुंचे तो बारिश के चलते एक शीशम का पेड़ सड़क पर झुका हुआ था। इसमें रामेश्वर का सिर टकरा गया। हेलमेट न होने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मिन्टू का सिर भी सड़क में लगने से वह लहूलुहान हो गया। राहगीरों ने उनके परिजनों को खबर दी। परिजन रामेश्वर का शव गांव ले गये व घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया। जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर भेज दिया गया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया।