सहारनपुर। मंडल में गन्ने की औसत उत्पादकता बढ़कर 842 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। गत वर्ष यह उत्पादकता 790.66 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। गन्ना विभाग की ओर से कराई गई क्रॉप कटिंग में इसका खुलासा हुआ है।
मंडल में गन्ना फसल चीनी मिलों के साथ ही किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हुई है। गत पेराई सीजन में जहां शुगर रिकवरी में बढ़ोत्तरी होने से चीनी मिलों को फायदा हुआ है। वहीं, गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि से किसानों को लाभ हुआ है। गत सीजन में पेड़ी और पौधा गन्ना की कराई गई क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट के मुताबिक मंडल में औसत उत्पादकता में बढ़ोत्तरी हुई है। गत वर्ष जहां मंडल में गन्ने की उत्पादकता 790.66 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी वह इस बार बढ़कर 842 क्विंटल हो गई। गन्ना विभाग की क्रॉप कटिंग रिपोर्ट के अनुसार गत वर्ष सहारनपुर जनपद में जहां 702 क्विंटल गन्ना उत्पादकता थी, वह इस बार बढ़कर 732 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई। मुजफ्फरनगर में उत्पादकता 826 से बढ़कर 866 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और जनपद शामली में 844 से बढ़कर 929 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि हाल ही में आई क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट के मुताबिक मंडल में गन्ने की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में बढ़ोत्तरी हुई है। इसी उत्पादकता के आधार पर किसानों के कलेंडर आदि तैयार होंगे। जिससे किसानों को पेराई सीजन में पर्चियों की समस्या पैदा नहीं होगी।