सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के आउट सोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ ने अक्तूबर 2017 से वेतन नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों ने डीएम पर भी अभद्रता का आरोप लगाया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड मेरठ की ओर से आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारी शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और अक्तूबर 2017 से वेतन नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनका पांच माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों का नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए विद्यालयों को शुल्क भी जमा करना है। वेतन नहीं मिलने से बच्चों का भविष्य भी अंधकार में है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2018 तक कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया जाता तो इस वित्तीय वर्ष का उपलब्ध बजट लैप्स हो जाएगा। क्योंकि शासन से माह अक्तूबर से अनुबंध का नवीनीकरण मेडिकल कॉलेज को प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण अगले वित्तीय वर्ष में उनका अनुपूरक बजट उपलब्ध होने तक वेतन नहीं मिल पाएगा।
इस मामले में कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर उनके वेतन का भुगतान कराए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अनुज, रुद्र प्रताप, लोकेश, योगेश सैनी, विजय प्रताप, अश्वनी, विपिन, प्रवीन, राजेश, रूबी, फराना राव, ममता, संगीता, आयशा, सुनैना, राशि, रीता राय, अरुणिमा, मीनाक्षी, अनुराधा, गीता शर्मा, सुषमा, पुष्पा, हुमा खान शामिल रहे।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 5 मार्च को भी उन्होंने डीएम को ज्ञापन दिया था। उस समय डीएम ने उन्हें 15 मार्च तक कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को जब वह इस मांग को लेकर पहुंचे तो डीएम ने उनके ज्ञापन को फेंक दिया और उनके साथ अभद्रता की।
इस संबंध में डीएम पीके पांडेय का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ अभद्रता नहीं की। उन्होंने फाइल शासन को भिजवा दी है। प्रक्रिया में कार्रवाई चल रही है। उन्होंने अपनी कार्रवाई कर दी है। कर्मचारियों को यह बात समझा दी गई है।