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25 साल में गुप्ता बंधुओं ने साउथ अफ्रिका में खड़ा किया साम्राज्य

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बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई गड़बड़ियों को लेकर फिर चर्चा में हैं एनआरआई गुप्ता बंधु
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सहारनपुर। बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई गड़बड़ियों को लेकर एक बार फिर सहारनपुर के गुप्ता बंधु चर्चा में हैं। लकड़ी की नक्काशी के लिए मशहूर सहारनपुर की गलियों से निकलकर साउथ अफ्रीका में कारोबार करने वाले एनआरआई अजय गुप्ता अपने कारोबार का विशाल साम्राज्य स्थापित कर चुके हैं। महज 25 वर्षों में सैकड़ों करोड़ के साम्राज्य को स्थापित कर चुका गुुप्ता परिवार राष्ट्रपति जैकब जुुमा से नजदीकियों और सरकार में पूरी दखल रखने को लेकर पिछले कई वर्षों से सुर्खियों में है। मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता परिवार ने दक्षिण अफ्रीका में अपने कारोबार को बेंचने की घोषणा कर दी थी। गुप्ता परिवार पर राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के संगीन आरोप है।
दक्षिण अफ्रीका में अपना कारोबार जमाने वाला गुप्ता परिवार मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है। इस परिवार में तीन भाई हैं। अजय, अतुल और राजेश। 1993 में इनके पिता शिव कुमार ने इन्हें दक्षिण अफ्रीका भेज दिया था। तीनों भाइयों ने जोहान्सबर्ग में सहारा कंप्यूटर्स के नाम से सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी बनाई और उसे अलग ऊंचाई तक पहुंचाया। इसके बाद इन्होंने खनन से लेकर मीडिया तक में कारोबार फैलाया। आज गुप्ता परिवार की दक्षिण अफ्रीका में कई संपत्तियां हैं। उनकी कंपनियों में दस हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। साउथ अफ्रीका में शिफ्ट होने से पहले अजय गुप्ता दिल्ली के एक होटल में नौकरी करते थे। अप्रैल 2016 में अजय ने बेटे कमल गुप्ता की शाही शादी की थी, रिसेप्शन में राजनीतिक दिग्गजों और बॉलीवुड हस्तियों से लेकर कई बड़े अधिकारियों ने शिरकत की थी। अजय के बेटे की शादी का रिसेप्शन भी चर्चा का केंद्र बना था।
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राशन की दुकान से निकलकर बनाया साम्राज्य
सहारनपुर के रहने वाले अजय गुप्ता के पिता शिवकुमार गुप्ता की सहारनपुर में रायवाला बाजार में एक छोटी सी राशन की दुकान थी। शहर के रानी बाजार स्थित एक छोटे से मोहल्ले में रहते थे। दुकान के पीछे ही उनका पुश्तैनी मकान था। अजय ने सीए का कोर्स किया तो भाइयों ने आईटी में इंजीनियरिंग की। साल 1985 में सहारनपुर से दिल्ली चले गए और वहां कुछ दिनों एक बड़े होटल में नौकरी की। इसके बाद नौकरी छोड़ दी और वर्ष 1993 में साउथ अफ्रीका चले गए। वहां अपने दोनों भाइयों के साथ मिलकर कंप्यूटर से जुड़ा बिजनेस शुरू किया। साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में कंप्यूटर और उसके पार्ट्स बनाने की कंपनी शुरू की। बताते हैं कि इसी दौरान अजय के दक्षिण अफ्रीका के प्रेसिडेंट जैकब जुमा से पारिवारिक संबंध हो गए।
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जुमा को लेकर विवादों में रहे हैं एनआरआई
साउथ अफ्रीका में रहते हुए अजय उस वक्त विवादों में आए जब उन पर साउथ अफ्रीका के फाइनेंस मिनिस्टर नेने को हटाने का आरोप लगा। आरोप था कि उनके कहने पर ही साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट जैकब जुमा ने फाइनेंस मिनिस्टर को उनके पद से हटाया था। इससे पहले वर्ष 2010 में एक सांसद को मंत्री बनवाने का आश्वासन दिए जाने का आरोप भी उन पर लगा था। बताया गया कि प्रेसीडेंट जुमा के परिवार के कई सदस्य अजय गुप्ता की कंपनियों में डायरेक्टर थे। साउथ अफ्रीका में अजय गुप्ता फैमिली का कंप्यूटर के अलावा खनन और मीडिया जैसे दूसरे क्षेत्रों में भी दखल है।
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एयरफोर्स स्टेशन पर उतारा था प्लेन
अप्रैल 2013 में गुप्ता परिवार के फैमिली फंक्शन में शामिल होने भारत से एक प्लेन साउथ अफ्रीका पहुंचा था। गुप्ता फैमिली के 217 गेस्ट प्लेन में सवार थे। अजय गुप्ता ने अपना प्लेन प्रिटोरिया स्थित साउथ अफ्रीकन एयरफोर्स बेस वॉटरक्लूफ में उतरवा दिया था।
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