अध्याना में एक भी नामांकन नहीं, चुनाव स्थगित
नकुड़ (सहारनपुर)। सहकारी समितियों के सभापति पदों के लिए संपन्न हुए चुनाव में टाबर समिति से आजाद सिंह राणा ने आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी गुट के अमरजीत सिंह को दो वोट से हरा दिया है। जबकि बाधी समिति में मुकाबला बराबर होने पर पर्ची डाली गई। इसमें पूनम देवी ने बाजी मारी। इसके अलावा अघ्याना समिति में निर्धारित समय से एक भी नामांकन दाखिल न होने के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। यहां सभापति पद दावेदारों ने चुनाव अधिकारी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
मंगलवार को सहकारी समितियों के सभापति पद के लिए चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। राजनीतिक हिसाब से क्षेत्र की सबसे अहम मानी जाने वाली टाबर सोसायटी के चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हुई थी। टाबर समिति में प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी गुट के अमरजीत सिंह और एडवोकेट अभय सैनी गुट के टाबर निवासी आजाद सिंह राणा ने सभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके बाद हुए मतदान में आजाद सिंह राणा ने अमरजीत सिंह को दो वोटों से हरा दिया। आजाद राणा को पांच तथा अमरजीत सिंह को तीन मत प्राप्त हुए हैं जबकि एडवोकेट अभय सिंह सैनी के भतीजे एडवोकेट आजाद सैनी के सामने कोई नामांकन दाखिल न होने के कारण उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया है। आजाद सैनी को पांच मत प्राप्त हुए।
बाधी समिति में रामगढ़ निवासी पूनम देवी और रोशनपुर के लोकेंद्र सिंह ने सभापति का चुनाव लड़ा। इसमें दोनों को चार-चार मत प्राप्त होने के बाद पर्ची डाली गई। इसमें पूनम देवी ने बाजी मार सभापति पद पर कब्जा जमा लिया है। यहां करण सिंह को सर्वसम्मति से उपसभापति चुना गया। इसके अलावा अघ्याना समिति में कुल नौ संचालकों में से आठ ने सभापति पद के लिए नमांकन पत्र खरीदा था। लेकिन निर्धारित समय पर एक भी नामांकन दाखिल न होने के चलते चुनाव स्थगित कर दिया गया है। नामांकन करने गए दोवेदारों ने आरोप था कि चुनाव अधिकारी ने न तो उन्हें नामांकन करने का समय बताया और न ही समय सारिणी चस्पा कर रखी थी। उन्होंने उच्चधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा साल्हापुर समिति से संदीप राठौर को सर्वसंमति से सभापति तथा प्रवीण कुमार को उपसभापति चुना गया है। जबकि झबीरण-ढकदेई समिति से भाजपा के ओमपाल सिंह को सभापति तथा हरपाल सिंह ढकदेई को उपसभापति चुना गया है।