सहारनपुर। पिछले 7 वर्षों से बंद पड़ी दया शुगर मिल के 8 जनवरी को होने वाले शुभारंभ को लेकर क्षेत्र के किसानों में खासा उत्साह है। अब तक इसके क्षेत्र के किसानों का गन्ना पड़ोसी शुगर मिलों को डायवर्ट कर रखा था। इसके अलावा अन्य शुगर मिलों पर गन्ने का प्रेशर कम होने का लाभ भी जिले के किसानों को मिलेगा।
गागलहेड़ी स्थित दया शुगर मिल पिछले 7 वर्षों से बंद पड़ी थी। पेराई सत्र 2010-11 के बाद मिल में पेराई नहीं हो सकी। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान आदि को लेकर मिल क्षेत्र के किसानों को आंदोलन तक करना पड़ा। बकाया मामले को लेकर मिल के मालिक तक को गिरफ्तार होना पड़ा। तमाम मामलों को सुलझाने के बाद मिल प्रबंधन ने इस सीजन में मिल को चलाने का वादा शासन से किया था। मिल चलवाने को लेकर जिलाधिकारी पीके पांडे और जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारियों ने एड़ी चोटी के जोर लगा रखे थे। तमाम कवायद का रिजल्ट अब सामने आया है। 8 जनवरी को मिल का शुभारंभ प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा करेंगे। मिल चलने से गन्ना सप्लाई करने के लिए मारे मारे फिर रहे क्षेत्र के हजारों किसानों को खासा फायदा होगा। इसके अलावा अन्य मिलों पर गन्ने का प्रेशर कम होने से जिले के किसान भी फायदे में रहेंगे। जिला गन्ना अधिकारी ने शुक्रवार को मिल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।
मंत्री के सामने उठेगा बकाया गन्ना मूल्य का मुद्दा
8 जनवरी को दया शुगर मिल का शुभारंभ करने आ रहे प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के सामने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठना तय है। जिले की दो सहकारी चीनी मिलों पर तो गत वर्ष का गन्ना मूल्य भी बकाया है। इसमें नानौता पर करीब 11 करोड़ और सरसावा पर लगभग 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस सीजन में गांगनौली पर सबसे अधिक गन्ना मूल्य बकाया है।