सहारनपुर। जेवी जैन कॉलेज के लॉ के 104 विद्यार्थियों को कक्षा में कम उपस्थिति के चलते परीक्षा से बाहर करने का मामला जोर पकड़ रहा है। यूनिवर्सिटी ने मामले में जांच बिठाई है। जांच टीम ने शुक्रवार को कॉलेज पहुंचकर विभाग और विद्यार्थियों का पक्ष सुना। टीम अपनी जांच रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को सौंपेंगी, जिसके बाद विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा।
कॉलेज प्रशासन ने 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी न करने वाले लॉ डिपार्टमेंट के 104 विद्यार्थियों की लिस्ट जारी की थी, जिसके बाद से विद्यार्थियों में हड़कंप मचा हुआ है। वह अनशन तक कर चुके हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी को भी लिखा है। यूनिवर्सिटी ने मामले को गंभीरता से लिया है। यूनिवर्सिटी के लॉ के डीन डॉ. राजेश गर्ग और डॉ. शैलेंद्र को जांच सौंपी गई है। दोनों अधिकारी शुक्रवार को कॉलेज पहुंचे। उन्होंने लॉ विभाग के सभी प्रोफेसर्स से प्राचार्य के दफ्तर में बैठकर बात की और उनका पक्ष जाना। इसके बाद पीड़ित विद्यार्थियों से भी बात की गई। विद्यार्थियों की पैरवी करने के लिए पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर भी पहुंची थी। उन्होंने भी जांच टीम से विद्यार्थियों को एक मौका देने की मांग की। जांच अधिकारी डॉ. राजेश गर्ग ने कहा कि लॉ विभाग में उपस्थिति कम से कम 75 फीसदी होना अनिवार्य है। इसमें वह अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकते। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को सौंपेंगे, जिसके बाद यूनिवर्सिटी को ही निर्णय लेना है।
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छात्राओं ने विभागीय व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्राओं ने जांच अधिकारियों को बताया कि लॉ विभाग में उपस्थिति दर्ज करने में काफी घालमेल होता है। प्रोफेसर्स के चहेते विद्यार्थी सप्ताह में एक दिन आकर सप्ताहभर का उपस्थिति चढ़ा जाते हैं। महीने में मुश्किल से दो या तीन बार ही उपस्थिति दर्ज की जाती है। आरोप लगाया कि कुछ विद्यार्थी अपने साथ ही अपने दोस्तों की उपस्थिति भी खुद ही चढ़ा जाते हैं। छात्राओं के इन आरोपों पर कुछ प्रोफेसर्स ने नाराजगी भी व्यक्त की और आरोपों को खारिज किया। इस दौरान कई छात्राएं रो भी पड़ीं।