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स्मार्ट सिटी की बनने का आखिरी मौका

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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में सहारनपुर शामिल है। इस बार स्मार्ट सिटी के लिए सिलेक्ट होने का सहारनपुर के पास आखिरी मौका है। केंद्रीय चयनकर्ता तीन बार सहारनपुर के प्रपोजल को रिजेक्ट कर चुके हैं। इसके बावजूद चौथे चरण की चयन प्रक्रिया के लिए भी आधी-अधूरी तैयारियों के बीच प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। इससे स्मार्ट सिटी में सहारनपुर के शामिल होने की उम्मीद कम ही लग रही है।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में सहारनपुर पहले चरण से शामिल है। मगर तीन बार की चयन प्रक्रिया में केंद्रीय चयनकर्ता सहारनपुर के प्रपोजल को खारिज कर चुके हैं। नगर निगम के अफसरों ने हर बार परामर्शदाता कंपनी को लिए इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। मगर तीसरे चरण में नई परामर्शदाता कंपनी के साथ काम किया गया। इसके बाद भी प्रपोजल रिजेक्ट हो गया। चौथे चरण की चयन प्रक्रिया के लिए नगर निगम और परामर्शदाता कंपनी ने फिर मंथन शुरू कर दिया है। प्रपोजल को पहले लखनऊ में सबमिट किया जाएगा। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद 30 अक्तूबर को केंद्रीय चयनकर्ताओं के सामने प्रस्तुत होगा। मगर, तमाम खामियों के कारण आशंका जताई जा रही है कि स्मार्ट सिटी बनने के आखिरी मौके में भी सहारनपुर को झटका लगने वाला है। उधर, इस संबंध में नगरायुक्त गौरव वर्मा का कहना है कि सहारनपुर को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
रिजेक्ट हो चुक प्रपोजल की खामियों से नहीं लिया सबक
इस बार तैयार किए जा रहे प्रपोजल में भी पहली खामियों से सबक नहीं लिया जा रहा है। प्रपोजल में सिटी के लिए यातायात व्यवस्था दुरुस्त बनाने की कोई खास योजना नहीं है। इसके अलावा सड़कों पर फैले अतिक्रमण, ट्रैफिक व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, अपेक्षित जन सहभागिता का न होना, स्मार्ट सिटी निर्माण के बाद रखरखाव की योजना न रखना, सुरक्षा संबंधी व्यापक प्रबंधक न होने के साथ ही प्रपोजल में सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है।
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करोड़ों खर्च, नतीजा शून्य
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में सहारनपुर को शामिल कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। मगर, नतीजा शून्य ही रहा। तीनों बार सहारनपुर के प्रपोजल को केंद्रीय चयनकर्ताओं ने रिजेक्ट किया। चौथे चरण की प्रक्रिया में भी पहले की तरह ही प्रपोजल हवा हवाई तैयार किया जा रहा है। इसी वजह से पूर्व मंडलायुक्त ने तीसरे चरण की चयन प्रक्रिया के दौरान नगर निगम के अधिकारियों और परामर्शदाता कंपनी के अफसरों को फटकार लगाई थी।
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