सहारनपुर। वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक में कई वस्तुओं पर जीएसटी रेट में की गई तब्दीली बाजार के लिए फायदेमंद साबित होगी। जीएसटी की दर कम होने से जहां उपभोक्ता को राहत मिलेगी वहीं बाजार में भी तेजी आने की संभावना है। लग्जरी कारों पर बढ़ाए गए सेस का बाजार पर कोई असर नहीं होगा।
जीएसटी कौंसिल ने अखरोट, इमली, भुने हुए चने, फाइबर उत्पाद, साड़ी फॉल, लकड़ी और पत्थर से बनी मूर्ति, खादी के समान आदि के जीएसटी रेट में कमी की है। इससे मध्यवर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के साथ ही गरीब लोगों को फायदा होगा। साथ ही लग्जरी कारों पर बढ़ाए गए सेस का उसके उपभोक्ताओं पर खासा असर नहीं पड़ने की संभावना है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश अध्यक्ष विमल विरमानी ने बताया कि जिन वस्तुओं से जीएसटी की दर कम की गई हैं, उनका सस्ता होना बाजार के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा। मंदी का शिकार हो चुके बाजार को इसका निश्चित तौर पर लाभ होगा। लेकिन जीएसटी कौंसिल को चाहिए कि वह विसंगतियों का निस्तारण किश्तों में ना करके एकमुश्त करें। स्वाति होंडा शोरूम के मालिक निपुण जैन ने बताया कि लग्जरी कारों पर बढ़ाए सेस से इनकी बिक्री पर कोई असर नहीं पडे़गा, क्योंकि जीएसटी लागू होने से जो दाम घटे थे, वे इस निर्णय से फिर पहले जितने ही हो जाएंगे। लिहाजा सेस बढ़ने का कोई असर होने की संभावना नहीं है।