फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपतियों के बाद शासन को जाएगी परिसीमन की फाइल

विज्ञापन
विज्ञापन
आपत्तियों के बाद शासन को भेजी जाएगी परिसीमन की फाइल
विज्ञापन

सहारनपुर। नगर निगम क्षेत्र के परिसीमन के लिए नगर निगम की ओर से फिर से कवायद की जा रही है। तीन दिन पहले ही डीएम की अध्यक्षता में आपत्तियों पर सुनवाई के बाद जल्द ही परिसीमन की फाइल दुबारा तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। जहां अंतिम मुहर लगेगी। शासन के आदेश पर परिसीमन में संशोधन किया जा रहा है।
सहारनपुर को नगर निगम बने आठ साल बीत चुके हैं। मगर अभी तक इसका परिसीमन नहीं हो सका है। अप्रैल 2017 में नगर निगम ने पहली बार परिसीमन कराया। इसका विज्ञापन 21 अप्रैल 2017 को जारी किया गया था। लोगों से आपत्तियां मांगी गई थीं, जिनका निस्तारण भी किया जा चुका था। मगर करीब तीन महीने पहले शासन ने परिसीमन को खारिज करते हुए इसमें संशोधित करने के आदेश दिए। इसके बाद परिसीमन के लिए दुबारा कवायद शुरू की गई। अगस्त महीने में लोगों से आपत्तियां मांगी गई थीं। इन पर डीएम पीके पांडेय की निगरानी में कुल 85 आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दो आपत्तियां निर्धारित तिथि से बाद की थीं, जिनकी सुनवाई नहीं की गई। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद परिसीमन की फाइल को दोबारा शासन के पास इसी हफ्ते में भेजा जाएगा।
विज्ञापन


परिसीमन के बाद होगा आरक्षण
अप्रैल 2017 में हुए परिसीमन के बाद नगर निगम ने आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी का रेपिड सर्वे कराया था, जिसमें नगर में ओबीसी की जनसंख्या ढाई लाख आई थी। एससी/एसटी का रेपिड सर्वे पहले ही होने की बात कही गई थी, जिसमें उनकी संख्या एक लाख 15 हजार बताई गई थी। शासन से मिले दोबारा परिसीमन कराने के आदेश के बाद नगर निगम को ओबीसी का रेपिड सर्वे भी दोबारा कराना पड़ा है जो संपन्न हो चुका है। निगम सूत्रों ने बताया कि इस बार के सर्वे में ओबीसी की संख्या करीब दो से तीन प्रतिशत बढ़ी है। बताया कि एससी की गणना जनगणना के साथ कर ली जाती है। इसलिए उसका अलग से सर्वे कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

परिसीमन का पेंच
वर्ष 2016 में तत्कालीन सपा सरकार ने शेखपुरा कदीम समेत 14 गांवों को नगर निगम में शामिल कर फाइल शासन को भेजी थी। इससे सभी 14 गावों की जनता उत्साहित थी, केवल ग्राम प्रधानों को आपत्ति थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सरकार ने 14 गांवों को फिर से बाहर कर दिया। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कुछ लोग कोर्ट चले गए थे, जहां मामला विचाराधीन है। ऐसे में परिसीमन में अभी भी पेंच फंसा हुआ है। जो निकाय चुनाव में बाधा बन सकता है।
विज्ञापन


परिसीमन पर आई आपत्तियों की डीएम के द्वारा सुनवाई की जा चुकी है। परिसीमन लगभग तैयार ही है, जिसे शासन को भेजना बाकी है। दो से तीन दिन में परिसीमन की फाइल शासन को भेज दी जाएगी।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें