सारी बांधाएं पार कर भाइयों के दर पहुंची बहनें
सहारनपुर। रक्षा बंधन पर्व शहर भर में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। भारी बारिश, जाम और बसों की आपाधापी को झेलते हुए बहनें भाइयों के दर पर पहुंची। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को शगुन देकर जीवनभर उनकी रक्षा का प्रण लिया।
शास्त्रों के अनुसार रक्षा बंधन मनाने का सबसे शुभ समय सुबह नौ बजे से दोपहर 1:52 बजे तक रहा। बहनों ने भाइयों को तिलक कर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना की। भाइयों ने बहनों को उपहार के रूप में शगुन देकर रस्म अदा की। रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्री उमड़ना शुरू हो गए थे। दिल्ली और शामली की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ रही। ऋषिकेश-दिल्ली पैसेंजर में सीट पर कब्जा करने को लेकर यात्रियों में आपाधापी की माहौल रहा। सीटें फुल होने पर बड़ी संख्या में यात्रियों को खड़े होकर ही सफर करना पड़ा, जबकि कई को पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। उधर, सड़क परिवहन निगम ने बसों में बहनो के लिए फ्री यात्रा का एलान किया हुआ था। इसका असर देखने को मिला। दोनों बस अड्डों पर भारी भीड़ उमड़ी। बसों में मारामारी की स्थिति रही। बस अड्डों पर सुबह से शाम तक यही आलम रहा।
मिठाई का बाजार रहा तेज
रक्षा बंधन पर सबसे अधिक मिठाई का बाजार गर्म रहा। एक दिन पहले से मिठाइयों की खरीदारी शुरू हो गई थी। रविवार की शाम पांच बजे से रात 12 बजे तक मिठाइयां खरीदी गईं। आलम यह रहा कि अनेक दुकानों पर मिठाइयां खत्म हो गईं। घेवर की डिमांड सबसे अधिक रही। रक्षा बंधन के दिन भी सुबह छह बजे से ही मिठाई की दुकानें सज चुकी थीं। दिनभर लोग खरीदारी करते नजर आए।
शहर भर में रही जाम की स्थिति
रक्षा बंधन के दिन शहर दिन भर जाम रहा। जिला अस्पताल पुल पर सुबह से ही जाम था। डॉ. अंबेडकर चौक से लेकर सदर कोतवाली तक कारों की कतार रही। जिला अस्पताल चौक से पुल क्रॉस करने में लोगों को दस से 15 मिनट तक लग गए। बारिश के बाद उमस भरी भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसना लोगों के लिए मुश्किल भरा रहा। यही हालात नेहरू मार्केट और कोर्ट रोड पुल के भी रहे। बेहट बस स्टैंड पर रेहड़ियों के आधी सड़क पर लगने से दिनभर जाम रहा।