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चक्का जाम के डर से 40 फीसदी यात्री कम पहुंचे

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- रास्तों में बसे फंसने से अड्डे पर परेशान रहे यात्री
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- शादी समारोह से लौटने वाले मुसाफिर भी हुए परेशान
सहारनपुर। भारत बंद के आह्वान के बीच तीन हाईवे पर चक्का जाम के कारण रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। चक्का जाम में फंसने के डर से करीब 40 फीसदी यात्री कम रहे। हाल यह रहा कि सुबह 11 बजे चक्का जाम होने से पहले भी अधिकतर बसों को एक से डेढ़ घंटे तक यात्रियों के आने का इंतजार करना पड़ा। अड्डे पर बसों की ड्यूटी लगाने वाले काउंटर से लेकर बाहर प्रतीक्षालय में सीटें तक खाली पड़ी रहीं।
सुबह 11.30 बजे के बाद देहरादून हाईवे पर गागलहेड़ी, अंबाला हाईवे पर शाहजहांपुर और दिल्ली हाईवे पर रामपुर मनिहारान और नानौता में किसानों का जाम होने के कारण रोडवेज बसों का संचालन रुक गया। अपराह्न साढ़े तीन बजे के बाद ही बसों का संचालन शुरू हो पाया। इस अवधि में सफर कर रहे यात्री रास्तों और यहां अड्डों पर फंसे रहे। दोपहर दो बजे के बाद कई रूटों से बसें न आने के कारण हरिद्वार और गंगोह अड्डे पर यात्री इंतजार में बैठे रहे।
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अड्डों पर मिले कुछ यात्री राजीव कुमार, शकुंतला, अशोक और प्रदीप कुमार ने बताया कि वे यहां शादी समारोह में आए थे। अंबाला के लिए बसें नहीं मिली हैं। टैक्सी तक नहीं जा रही है। इसलिए यहां अड्डे पर ही आकर बैठ गए हैं। बताया गया है कि हाईवे पर जाम खुलने के बाद ही बसें चलाई जाएंगी।
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पहले से काफी कम रहे यात्री : आरएम
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना ने बताया कि चक्का जाम रहने के कारण बसों में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। रीजन में 600 से अधिक बसों का संचालन होता है। इनमें 80 हजार से एक लाख यात्री तक सफर करते हैं। लेकिन मंगलवार को चक्का जाम के कारण करीब 40 फीसदी यात्री कम रहे। जाम के दौरान प्रमुख मार्गों पर बसें फंसी रहीं। शाम चार बजे के बाद ही यातायात सुचारु हुआ है।
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